कर्नाटक हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र के 30 वर्षीय युवक पर लगे यौन उत्पीड़न के मामले को रद कर दिया है। इस मामले में महिला ने युवक पर वीडियो कॉल पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया था।

कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि महिला बालिग थी और वो वीडियो कॉल पर अपनी मर्जी से शामिल हुई थी, इसलिए इस मामले में आपराधिक बल का प्रयोग साबित नहीं होता।

वीडियो कॉल पर नहीं हुई जबरदस्ती

कर्नाटक हाईकोर्ट में जस्टिस राजेश राय के. ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘महिला ने अपनी मर्जी से कपड़े उतारे और कॉल में शामिल हुई, इसलिए आरोपी पर लगाए गए आरोप टिक नहीं सकते।’

यह जून 2022 का मामला है। सोशल मीडिया के जरिए दोनों में पहचान हुई थी। महिला ने युवक पर आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर वीडियो कॉल के दौरान उसे उकसाया और तस्वीरें लीं।

महिला ने यह भी दावा किया कि युवक ने फोटो डिलीट करने के बदले उससे 2,000 रुपये भी लिए थे। अब हाई कोर्ट ने इस मामले को रद कर दिया है।