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डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹34 से बढ़कर ₹55.5 प्रति लीटर हुई, जेट फ्यूल का एक्सपोर्ट भी ₹42 महंगा; देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहेंगे

डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹34 बढ़ी:अब ₹55.5 प्रति लीटर टैक्स लगेगा, जेट फ्यूल का एक्सपोर्ट भी ₹42 महंगा; देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

नई दिल्ली, 11 अप्रैल। केंद्र सरकार ने शनिवार को डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी की घोषणा की है। डीजल पर जो निर्यात शुल्क पहले ₹21.5 प्रति लीटर था, उसे बढ़ाकर ₹55.5 कर दिया गया है, यानी ₹34 की बड़ा इजाफा किया गया है। वहीं, जेट फ्यूल के रूप में जाना जाने वाला एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दी गई है। यह नोटिफिकेशन वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पर फिलहाल एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य ही रहेगी। कुछ दिनों पहले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10-₹10 की कटौती की गई थी, जिसका लाभ आम जनता को मिलेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की स्थिर कीमतें बनाए रखना और सप्लाई बढ़ाना है। इस कदम के पीछे मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बढती कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव कम करना है, जिससे घरेलू फ्यूल महंगा होने की आशंका जताई जा रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर तेल कंपनियां मौजूदा समय में विदेशों में ज्यादा मुनाफे के लिए फ्यूल निर्यात करती हैं, जिससे घरेलू बाजार में सप्लाई कम हो जाती है। निर्यात ड्यूटी बढ़ाने से एक्सपोर्ट महंगा हो जाता है और कंपनियों को घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता पर ध्यान देना पड़ता है। सरकार का यह कदम सप्लाई को बनाए रखने और कीमतों में स्थिरता लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने निर्यात शुल्क बढ़ाया हो। मात्र 15 दिन पहले 26 मार्च को ही डीजल पर ड्यूटी ₹21.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर तय की गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों पर नजर रखकर कर दरों की समीक्षा कर रही है।

विंडफाल टैक्स क्या है?

विंडफाल टैक्स उन कंपनियों पर लगाया जाता है जो किसी विशेष परिस्थिति जैसे युद्ध, या ग्लोबल सप्लाई चेन बाधाओं के चलते अचानक अतिरिक्त मुनाफा कमाती हैं। भारत में इसे एक्सपोर्ट ड्यूटी के रूप में लगाया जाता है ताकि तेल कंपनियों को असामान्य लाभ से रोका जा सके और सरकारी खजाने में राजस्व बढ़े।

अन्य अपडेट्स

सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की है, ताकि आम जनता को कीमतों में राहत मिले और बाजार में स्थिरता बनी रहे। पेट्रोल पर ड्यूटी को ₹13 से घटाकर ₹3 किया गया है जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी से अधिक बढ़ गई हैं। इसके बावजूद सरकार ने घरेलू स्तर पर इस वृद्धि को केवल 25% तक सीमित रखने का फैसला किया है, जिससे घरेलू उड़ान किराए पर नियंत्रण रखा जा सके।

सरकार के ये कदम देश में ईंधन की उपलब्धता और कीमतों को स्थिर रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। सरकार भविष्य में भी विश्व बाज़ार की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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