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इंडिया के डिजिटल भविष्य का निर्माण: क्यों उद्योग, शिक्षा एवं नीति निर्माता मिलकर तैयार करें अगली पीढ़ी के डिजिटल इंजीनियर

Engineering India’s digital future: Why industry, academia and policymakers must co-create the next generation of digital engineers

TechEDU India Summit 2026 में भारत के डिजिटल भविष्य पर उद्योग, शिक्षा एवं नीति निर्माताओं का संगम

नई दिल्ली, 2026 – TechEDU India Summit 2026 में ETEducation ने Bentley Systems के सहयोग से ‘‘Engineering India’s digital future: Building a globally fluent, digitally ready talent ecosystem’’ नामक उच्च स्तरीय गोलमेज चर्चा आयोजित की। इस महत्वपूर्ण आयोजन में देश के अग्रणी शिक्षा अधिकारी, अवसंरचना विशेषज्ञ और प्रौद्योगिकी प्रदाता शामिल हुए। चर्चा का मुख्य फोकस भारत के इंजीनियरिंग टैलेंट को डिजिटल तौर पर सक्षम और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उद्योग, शिक्षा और नीति निर्माताओं के मध्य गहरी साझेदारी के महत्त्व पर था।

भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अर्थव्यवस्था में इंजीनियरिंग कौशल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती जा रही है। इस संदर्भ में विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक इंजीनियरिंग शिक्षा अब डिजिटल युग की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रही है। इसलिए, शिक्षा संस्थान औद्योगिक एवं नीतिगत निकायों के साथ मिलकर बहुआयामी प्रशिक्षण मॉडल विकसित करें, जिससे छात्रों को न केवल तकनीकी ज्ञान हो बल्कि वे डिजिटल उपकरणों और नवाचारों में भी दक्ष बनें।

डिजिटल दक्षता में वृद्धि के लिए शिक्षा संस्थानों को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स, और क्लाउड कंप्यूटिंग को पाठ्यक्रम में शामिल करना आवश्यक है। साथ ही, उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के अनुसार परियोजना आधारित शिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर भी बढ़ाए जाने चाहिए। ये सभी प्रयास डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए सक्षम इंजीनियरों के विकास में सहायक होंगे।

नीति निर्माताओं का भी इस संदर्भ में योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट और लचीली नीतियां बनाकर शिक्षा और उद्योग के बीच संवाद मजबूत करना होगा, जिससे नवाचार और कौशल विकास में बाधाएं दूर हो सकें। इसके साथ ही, निवेश बढ़ाकर अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करना होगा ताकि भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी बन सके।

समारोह में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी अभिव्यक्त किया कि इस तरह के साझा प्रयास से ही भारत की इंजीनियरिंग शिक्षा और उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाया जा सकेगा। डिजिटल युग में भारत की सफलता के लिए उद्योग, शिक्षा और नीति निर्माता तीनों का समन्वित और मजबूत सहयोग अनिवार्य है। इस दिशा में उठाए गए कदम देश को तकनीकी उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करेंगे।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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