दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

THE एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 जारी: टॉप 40 में कोई भारतीय यूनिवर्सिटी नहीं; टॉप 100 में केवल IISc बेंगलुरु, उसकी भी रैंकिंग में गिरावट

THE एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 जारी:टॉप 40 में कोई भारतीय यूनिवर्सिटी नहीं; टॉप 100 में सिर्फ IISc बेंगलुरु, उसकी भी रैंक गिरी

नई दिल्ली। ‘टाइम्स हायर एजुकेशन’ (THE) की एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 शुक्रवार को जारी कर दी गई है। इस रैंकिंग में कुल 929 यूनिवर्सिटीज को शामिल किया गया है, जिनमें से 128 संस्थान भारत के हैं, जो सबसे ज्यादा संख्या है। बावजूद इसके, भारतीय यूनिवर्सिटीज के प्रदर्शन में निराशाजनक कमी देखने को मिली है, क्योंकि टॉप 40 सूची में कोई भी भारतीय यूनिवर्सिटी शामिल नहीं हो पाई है। टॉप 100 में भी केवल एक ही भारतीय संस्थान है, वह है इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु, जिसकी रैंकिंग पिछले साल की तुलना में गिर गई है।

चीन ने इस बार भी एशिया की शैक्षिक व्यवस्था पर अपना दबदबा बढ़ाया है। टॉप 10 में 5 चीनी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। शीर्ष स्थान पर लगातार आठवें वर्ष सिंघुआ यूनिवर्सिटी बनी हुई है, जबकि पेकिंग यूनिवर्सिटी दूसरे स्थान पर बनी हुई है। इसके अलावा टॉप 10 में सिंगापुर और हांगकांग की दो-दो यूनिवर्सिटीज और जापान की भी एक यूनिवर्सिटी शामिल है।

भारतीय यूनिवर्सिटीज की बात करें तो उन्हें टॉप 40 में कोई जगह नहीं मिली है, जबकि टॉप 50 में अकेला इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) 43वें स्थान पर है। बीते साल इसकी रैंक 38 थी, जो अब गिरकर 43 हो गई है। इस गिरावट में पिछले तीन वर्षों में इसका प्रदर्शन स्थिर नहीं रहने की झलक मिलती है, क्योंकि 2024 में यह 32वें नंबर पर थी। इसी तरह, इंदौर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) की रैंकिंग भी गिरावट के दौर से गुजरी है। 2025 में इसकी रैंक 131 थी, जो अब घटकर 141 पर आ गई है, जबकि 2021 में यह 78वें स्थान पर थी।

टॉप 150 में पाकिस्तान की दो यूनिवर्सिटीज—कायदे-ए-आजम यूनिवर्सिटी (148) और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (150)—शामिल हैं, लेकिन उनकी रैंकिंग भी पिछली बार के मुकाबले नीचे आई है।

टॉप 200 में भारत के कुल 12 विश्वविद्यालय शामिल हैं, जो पिछले साल के 14 की तुलना में कम हैं। इस बार अन्ना यूनिवर्सिटी, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, IIT गुवाहाटी, UPES और IIIT हैदराबाद टॉप 200 से बाहर हो गए हैं। इनकी जगह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन और यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली ने ली है। इसके अलावा, सवीता इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज ने अपनी रैंकिंग में 21 पायदान की बढ़ोतरी करते हुए 128वें स्थान पर कब्जा किया है, जबकि KIIT यूनिवर्सिटी की रैंकिंग 184 से बढ़कर 169 हो गई है।

विश्लेषकों का कहना है कि भारत को अपनी उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। निरंतर गिरती रैंकिंग भारतीय शैक्षिक संस्थानों की विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धा क्षमता पर प्रश्न चिह्न लगाती है। सरकार और शिक्षा नियामकों के लिए यह एक चुनौती है कि वे शिक्षा के सभी पहलुओं में सुधार करें ताकि भारत की यूनिवर्सिटीज भी वैश्विक स्तर पर सम्मानित स्थान प्राप्त कर सकें।

पढ़ें ये भी:

सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में ओडिशा के आयुष्मान मोहपात्र ने 500/500 अंक हासिल कर परफेक्ट स्कोर किया है। उन्होंने टॉप 5 विषयों में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। परफॉर्मेंस के पीछे उनकी मेहनत और तैयारी के राज छिपे हैं। 15 अप्रैल को सीबीएसई ने दसवीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी किया।

— सोनाली राय

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!