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भारत में दुनिया के तीसरे नंबर पर सबसे अधिक अरबपति: रिपोर्ट के अनुसार 2031 तक संख्या बढ़कर 313 होगी

भारत में दुनिया के तीसरे सबसे अधिक अरबपति हैं:रिपोर्ट के अनुसार, 2031 तक अरबपतियों की संख्या बढ़कर 313 हो जाएगी।

नई दिल्ली। दुनियाभर में हर 24 घंटे में औसतन 89 नए लोग ‘सुपर-रिच’ क्लब में शामिल हो रहे हैं, जिनकी संपत्ति 3 करोड़ डॉलर (लगभग 282 करोड़ रुपये) से अधिक है। यह बात नाइट फ्रैंक की वेल्थ रिपोर्ट 2026 में सामने आई है, जो दर्शाती है कि पिछले पांच वर्षों में ऐसे नामी निवेशकों और उद्यमियों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में दुनियाभर में सुपर-रिच लोगों की संख्या 5,51,435 थी, जो 2026 तक बढ़कर 7,13,626 हो जाएगी, यानी लगभग 29 प्रतिशत की वृद्धि होगी। भारत की बात करें तो यहां इस तरह के अमीरों की संख्या 2021 में करीब 12,000 थी, जो 2026 तक बढ़कर लगभग 19,877 हो जाएगी। यह करीब 63 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है और घरेलू आर्थिक विकास, नवाचार तथा बिजनेस विस्तार को दर्शाती है।

आगे के अनुमानों के मुताबिक 2031 तक भारत में सुपर-रिच की संख्या में 27 प्रतिशत और इजाफा होगा और यह कुल 25,217 पहुंच जाएगी। भारत में अभी 207 अरबपति हैं, जो देश को दुनिया में तीसरे स्थान पर रखते हैं। अनुमान है कि 2031 तक अरबपतियों की संख्या 51 प्रतिशत बढ़कर 313 तक पहुंच जाएगी। हालांकि, ग्लोबल स्तर पर भारत की अल्ट्रा-वेल्थ (अति-संपन्न) हिस्सेदारी अभी केवल 2.8 प्रतिशत है, लेकिन वृद्धि की गति तेज़ है और खासतौर पर तकनीकी और स्टार्टअप क्षेत्र से अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

ग्लोबल स्तर पर अगले पांच वर्षों में इंडोनेशिया में अमीरों की संख्या सबसे ज्यादा 82 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि सऊदी अरब और पोलैंड में यह संख्या 63 प्रतिशत और वियतनाम में 59 प्रतिशत बढ़ेगी। ये नए वेल्थ हब विश्व आर्थिक नक्शे पर अपना दबदबा बना रहे हैं।

अमेरिका की बात करें तो दुनिया के सुपर रिच में इसकी हिस्सेदारी वर्तमान में 35 प्रतिशत है, जो 2021 के 33 प्रतिशत से बढ़ी है। साल 2031 तक यह 41 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले चार वर्षों में बने नए सुपर रिच में से 41 प्रतिशत अकेले अमेरिका से हैं, जो आर्थिक मजबूती और नवाचार की तस्वीर पेश करता है।

अरबपतियों के मामले में, एशिया-प्रशांत क्षेत्र अब सबसे आगे है। दुनिया के कुल 3,110 अरबपतियों में से इस क्षेत्र में 1,116 अरबपति रहते हैं, जो उत्तरी अमेरिका के 965 अरबपतियों से अधिक है। खासतौर पर सऊदी अरब में अगले पांच वर्षों में अरबपतियों की संख्या 183 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, इसके बाद पोलैंड (123 प्रतिशत) और स्वीडन (81 प्रतिशत) भी बड़े पैमाने पर वृद्धि दर्ज करेंगे।

यह रिपोर्ट वैश्विक आर्थिक बदलावों, निवेश के नए अवसरों और नवाचार के माध्यम से धन संचय के तरीकों में हो रहे बदलाव को दर्शाती है। भारत समेत कई उभरते बाजार तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिससे विश्वव्यापी संपत्ति वितरण में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है। भविष्य में यह प्रवृत्ति और अधिक प्रगति की संभावना दिखाती है।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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