दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

दिल्ली वालों के शानदार मौसम में हमारे चूल्हे नहीं जलते: मेरठ में जयंत चौधरी की जनसभा में केसी त्यागी और त्रिलोक त्यागी ने दिए बड़े संकेत

दिल्ली वालो के शानदार मौसम में हमारे चूल्हे नहीं जलते:मेरठ में जयंत चौधरी की जनसभा में केसी त्यागी और त्रिलोक त्यागी ने इशारों में दिए बड़े संकेत

मेरठ की सिवालखास विधानसभा के गांव इकड़ी में आयोजित जनसभा में रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस अवसर पर केसी त्यागी और त्रिलोक त्यागी भी मौजूद रहे, जो हाल ही में वापस राष्ट्रीय लोकदल में लौटे हैं। लोकदल के दोनों सांसदों समेत कई अन्य विधायक और पदाधिकारी भी मंच पर थे। सभी वक्ताओं ने किसानों, महिलाओं और शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया।

जयंत चौधरी ने अपने भाषण में शिक्षा को बढ़ावा देने तथा महिलाओं की भागीदारी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गांव, शहर हर क्षेत्र में महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक मोर्चों पर आगे आना चाहिए। उन्होंने मंच से कहा कि महिलाओं को भी बराबर का सम्मान मिलना चाहिए और यह जिम्मेदारी नेताओं की है कि वे महिलाओं को न केवल शामिल करें बल्कि उनका समर्थन भी करें।

केसी त्यागी ने दिल्ली के शानदार मौसम का तंज कसते हुए कहा कि जो दिल्ली में आने वाले लोग ठंडी हवा और अच्छे मौसम की बात करते हैं, वे किसान की वास्तविक समस्याओं को समझ नहीं पाते। उन्होंने किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान की बातें साझा कीं और बताया कि केवल वही इसे समझ सकता है जिसका जीवन इसी किसान परिवार के बीच गुजरा हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे लोग किसानों की तकलीफ नहीं समझ सकते क्योंकि वे वहां के जीवन से दूर रहते हैं।

केसी त्यागी ने लोकदल में अपनी वापसी को घर वापसी नहीं, बल्कि अपने सिद्धांतों का अनुसरण बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह का मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा से रहा है और वे आज भी उनके सिद्धांतों के अनुयायी हैं। उन्होंने बताया कि चाहे किसी भी राज्य की पार्टी हो या गठबंधन, सभी कहीं न कहीं चौधरी चरण सिंह के विचारों से प्रेरित हैं।

त्रिलोक त्यागी ने भी अपने संबोधन में राष्ट्रीय लोकदल को चौधरी चरण सिंह के सिद्धांतों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन अथवा साथी पार्टी का फर्क नहीं पड़ता, मुख्य बात यह है कि लोकदल अपने मूल विचारों से कभी नहीं हटेगा। उन्होंने किसान नेता चौधरी चरण सिंह के योगदान को याद करते हुए बताया कि उनकी नीतियों ने किसानों को कई महत्वपूर्ण फायदे दिए हैं जैसे एक्साइज ड्यूटी हटाना और मंडी समितियों का सुदृढीकरण।

जयंत चौधरी ने महिलाओं की भागीदारी को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं, चाहे वह वायुसेना का फाइटर पायलट हो या आईएएस अधिकारी। उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे महिलाओं को अधिक से अधिक आगे आने का अवसर दें और उनका सम्मान करें।

सांसद राजकुमार सांगवान ने अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला अध्यक्ष पार्टी की कमान संभालने वाले प्रमुख नेता होते हैं और कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि वे उनके निर्देशों का पालन करें। उनका कहना था कि जिला अध्यक्ष सिर्फ किसी पदाधिकारी नहीं बल्कि उनका बॉस है, जिसकी बात मानना सभी की जिम्मेदारी है।

जनसभा की इस भव्य मेजबानी में कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नेताओं की बातों पर पूरा ध्यान दिया। यह सभा राष्ट्रीय लोकदल की राजनीतिक मजबूती और चौधरी चरण सिंह के विचारों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आगामी चुनावों को लेकर पार्टी में एक नई ऊर्जा और उमंग दिखी, जो आगे चलकर बेहतर नेतृत्व और समाज के हित में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!