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सीनियर सिटीजन के लिए FD में बढ़े फायदे: स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे सबसे अधिक रिटर्न, जानें जरूर

सीनियर सिटीजन के लिए अब FD हुई और भी फायदेमंद:स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे सबसे ज्यादा रिटर्न; निवेश करने से पहले जानें इससे जुड़ी खास बातें

शेयर बाजार में जारी अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश के विकल्प ढूंढ रहे सीनियर सिटीजन के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बार फिर लोकप्रिय निवेश माध्यम के रूप में उभरा है। विशेषकर रिटायरमेंट के बाद अपनी पूंजी की सुरक्षा और निश्चित आय को प्राथमिकता देने वाले बुजुर्गों के लिए एफडी पर बेहतर रिटर्न प्राप्त हो रहे हैं।

आमतौर पर सीनियर सिटीजन को सामान्य निवेशकों की तुलना में 0.50% अधिक ब्याज दर मिलती है यानी 50 बेसिस पॉइंट्स का अतिरिक्त लाभ होता है। यह ब्याज दरें भारत रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति, निवेश की अवधि, तथा बैंकों की नकदी स्थिति पर निर्भर करती हैं।

सरकारी व प्राइवेट बैंकों में ब्याज दरों का फर्क

सरकारी बैंक एफडी में अपेक्षाकृत स्थिर ब्याज दरें प्रदान करते हैं, जबकि प्राइवेट बैंक अपना रेट निर्धारित करते हैं जो बाजार प्रतिस्पर्धा के अनुसार बदलते रहते हैं।

स्मॉल फाइनेंस बैंक में सबसे अधिक रिटर्न

वहीं, स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) सीनियर सिटीजन के लिए सबसे ज्यादा ब्याज दरें प्रदान करने में अग्रणी हैं। उदाहरण के लिए, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक 501 दिनों की एफडी पर घटकर 8.50% तक ब्याज दे रहा है। इसी तरह सूर्योदय, शिवालिक, इक्विटास, और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक विभिन्न अवधि के लिए 8.00% से 8.30% तक की दरें ऑफर कर रहे हैं।

हालांकि, इन बैंकों में जोखिम थोड़ा अधिक माना जाता है इसलिए निवेश से पहले उनका वित्तीय स्वास्थ्य और विश्वसनीयता जांच लेना जरूरी है।

सीनियर सिटीजन को FD से होने वाले चार बड़े फायदे

  • निश्चित आय: एफडी में निवेश से नियमित और निश्चित ब्याज आय सुनिश्चित होती है जो रिटायरमेंट के बाद स्थिरता प्रदान करती है।
  • पूंजी सुरक्षा: एफडी में मूलधन सुरक्षित रहता है, जो जोखिम कम करना चाहता है, उसके लिए लाभकारी है।
  • रिटर्न पर अतिरिक्त बोनस: ज्यादा ब्याज दर के कारण सामान्य खाता धारकों से बेहतर लाभ होता है।
  • सरल और पारदर्शी प्रक्रिया: निवेश करना आसान होता है और नियम स्पष्ट होते हैं।

निवेश रणनीति और टैक्स नियम

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सारा पैसा एक ही एफडी में लगाने से बेहतर है कि निवेश को छोटी, मध्यम एवं लंबी अवधि की एफडी में बांटा जाए, जिसे एफडी लैडरिंग कहा जाता है। इससे ब्याज दरों में बदलाव के फायदे मिलते हैं और आकस्मिक जरूरतों में नकदी उपलब्ध रहती है।

इसके साथ ही, बेहतर रिटर्न के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसे विकल्प भी जोड़े जा सकते हैं।

एफडी पर मिलने वाला ब्याज आयकर के अधीन होता है। बैंक ब्याज पर टैक्स कटौती (TDS) करते हैं। हालांकि, यदि आपकी वार्षिक आय टैक्स न्यूनतम सीमा से कम है, तो आप फॉर्म 15H जमा कर TDS से बच सकते हैं।

फॉर्म 15H और एफडी लैडरिंग क्या है?

  • फॉर्म 15H: यह एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है जो 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति बैंक को देते हैं ताकि उनकी ब्याज आय पर TDS न काटा जाए। यह तभी मान्य होता है जब उनकी कुल अनुमानित आय पर टैक्स न लगे।
  • एफडी लैडरिंग: यह रणनीति है जिसमें कुल राशि को एक बड़ी FD के बजाय अलग-अलग अवधि के लिए छोटी-छोटी FD में बांटा जाता है। इससे ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का फायदा मिलता है और आपातकालीन जरुरतों के लिए पैसा आसानी से निकाल सकते हैं।

सारांश में, वर्तमान बाजार परिस्थिति में सुरक्षित और सुनिश्चित आय की जरूरत रखने वाले सीनियर सिटीजन के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंक में FD एक आकर्षक विकल्प प्रस्तुत कर रहे हैं। सही रणनीति के साथ निवेश कर वे न केवल बेहतर रिटर्न पा सकते हैं, बल्कि अपनी पूंजी की सुरक्षा एवं टैक्स लाभ भी सुनिश्चित कर सकते हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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