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प्रधानमंत्री जल्द ही चार देशों के यूरोप दौरे पर, ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख एजेंडा

PM set to embark on 4-nation Europe trip next month; energy security in focus

नई दिल्ली। मई पिछले साल होने वाला शिखर सम्मेलन, जो पहलगाम आतंकवादी हमले के कारण रद्द कर दिया गया था, अब आगामी महीने फिर से आयोजित किया जाने वाला है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रधानमंत्री चार यूरोपीय देशों का दौरा करेंगे, जहां ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा दोनों क्षेत्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। यूरोप में ऊर्जा की मांग के लिहाज से यह दौर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर कोविद-19 महामारी के बाद विश्व आर्थिक परिदृश्य में आए बदलावों को देखते हुए।

प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान ऊर्जा स्रोतों की स्थिरता और आपूर्ति सिक्योरिटी पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, इस यात्रा से भारत के रणनीतिक हितों को भी मजबूती मिलेगी और वैश्विक ऊर्जा बाजार में देश की भूमिका बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा सुरक्षा वैश्विक आर्थिक विकास का एक अहम स्तंभ है और भारत तथा यूरोप के बीच सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होगा। तेल, गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्रों में नए समझौते और साझेदारी पर बातचीत होगी।

इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री उच्च स्तरीय बैठकों के अलावा उद्योगपतियों और ऊर्जा विशेषज्ञों से भी मुलाकात करेंगे। ऐसे में उम्मीद है कि इस दौरे से भारत में पारिस्थितिक और स्वच्छ ऊर्जा के विकास को भी बल प्राप्त होगा।

बता दें कि पहलगाम हमले के कारण पिछली बार यह शिखर सम्मेलन स्थगित करना पड़ा था, जिससे कूटनीतिक और आर्थिक योजनाएं प्रभावित हुई थीं। अब इन बाधाओं को पार कर इस सम्मेलन की सफलता से दोनों पक्षों के बीच विश्वास और सहयोग की नई दिशा तय होगी।

सरकार ने इस यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यात्रा कार्यक्रम और संबंधित विवरणों को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की जाएगी।

यह दौरा न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थिर ऊर्जा साझेदारी के गठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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