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शहडोल जिले में नलकूप खनन हेतु अनुमति अनिवार्य, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

शहडोल जिले में नलकूप खनन हेतु अनुमति अनिवार्य, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
शहडोल, 30 अप्रैल 2026 –

शहडोल जिले के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, डॉ. केदार सिंह ने जिले में संभावित पेयजल संकट के निराकरण के लिए पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 के तहत एक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश विशेष रूप से जल अभावग्रस्त क्षेत्रों में जल स्त्रोतों के संरक्षण और नलकूप खनन के संबंध में है।
जल का संरक्षण:

आदेश के अनुसार, जिले के जल अभावग्रस्त क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर स्थित सभी जल स्त्रोतों का उपयोग केवल पेयजल और घरेलू प्रयोजनों के लिए किया जा सकेगा। किसी अन्य प्रयोजन के लिए इन जल स्त्रोतों का दोहन विना अनुमति के प्रतिबंधित होगा।

नलकूप खनन के लिए अनुमति अनिवार्य:

कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट किया गया कि जिले के जल अभावग्रस्त क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति या निजी ठेकेदार बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के न तो नए नलकूप का निर्माण कर सकता है, न ही जल स्त्रोतों का दोहन कर सकता है। यह आदेश केवल शासकीय नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा।

अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया:

निजी भूमि पर नलकूप खनन कराना चाहने वाले व्यक्तियों को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा और संबंधित शुल्क अदा करना होगा। अनुविभागीय अधिकारी इस आवेदन की जांच करेंगे और अनुमति देने से पहले क्षेत्रीय सहायक यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अभिमत प्राप्त करेंगे।

जनहित में अधिग्रहण की व्यवस्था:

यदि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक पेयजल स्त्रोत सूख जाने के कारण कोई वैकल्पिक स्त्रोत उपलब्ध नहीं होता, तो संबंधित अनुविभागीय अधिकारी निजी पेयजल स्त्रोत को पेयजल संरक्षण संशोधित अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत अधिग्रहण कर सकते हैं।
आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ म.प्र. पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-9 और भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रभावी क्रियान्वयन:

यह आदेश शहडोल जिले के सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार, कार्यपालिक दंडाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), थाना प्रभारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के फील्ड अधिकारी, नगर निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा प्रभावी रूप से लागू कराया जाएगा।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कहा, “यह कदम जिले में जल संकट से निपटने के लिए उठाया गया है, और हम सभी से अपेक्ष करते हैं कि वे इस आदेश का पालन करेंगे ताकि जल संसाधनों का संरक्षण किया जा सके और पेयजल संकट से बचा जा सके।”

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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