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बेंगलुरु में टेस्टिंग कम होने के बाद अपशिष्ट जल डेटा ने COVID के छिपे अचानक बढ़ोतरीों को उजागर किया

Wastewater data revealed hidden COVID surges in Bengaluru after testing declined

बेंगलुरु, 27 अप्रैल 2024: शहर में COVID-19 के मामलों में अचानक बढ़ोतरी का पता लगाने में अपशिष्ट जल निगरानी एक महत्वपूर्ण साधन साबित हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब सार्वजनिक परीक्षण की संख्या कम हो जाती है, तब यह तरीका संक्रमण की छिपी लहरों का संकेत देता है।

हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जब बड़े महामारी दौर समाप्त होने के बाद टेस्टिंग कम हो गई, तब भी अपशिष्ट जल में वायरस के निशान तेजी से बढ़े। इससे यह स्पष्ट हुआ कि वायरस का संचार अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और छिपी लहरें गहरे स्तर पर जारी हैं।

शोधकर्ता का कहना है कि ऐसे समय में जब लोग सार्वजनिक परीक्षण कराने से कतरा रहे हों, तब भी संगरोध और संक्रमण के पैटर्न पर नजर रखना आवश्यक होता है। यही कारण है कि विभिन्न निगरानी प्रणाली को एक साथ बनाए रखना जरूरी है ताकि संक्रमण की समग्र तस्वीर साफ दिखाई दे सके।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया है कि केवल टेस्टिंग पर निर्भर रहना कोरोना महामारी की व्यापकता का सही आंकलन नहीं दे सकता। अपशिष्ट जल निगरानी, अस्पताल में भर्ती मरीजों के रिकॉर्ड, और अन्य डेटा स्रोतों को संयोजित करके ही संक्रमण की ठोस जानकारी मिलती है।

इस अध्ययन के नतीजों को राज्य स्वास्थ्य विभाग में भी साझा किया गया है ताकि बेहतर रणनीतियां बनाई जा सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मल्टी लेयर निगरानी सिस्टम महामारी के भविष्य के दौर को समझने और रोकथाम के बेहतर उपाय अपनाने में सहायक होगा।

इस खबर में यह भी बताया गया कि आम जनता को परीक्षण के प्रति जागरूक करना और संक्रमण के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है, खासतौर पर उन समयों में जब टेस्टिंग दर में गिरावट आती है। संपूर्ण निगरानी और तत्परता से ही हम संक्रमण की अगली लहरों को समय रहते रोक सकते हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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