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सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर संपत्ति विवाद में मध्यस्थ के रूप में पूर्व CJI डी. वाई. चंद्रचूड को नियुक्त किया

Supreme Court appoints former CJI D.Y. Chandrachud as mediator in Sanjay Kapur estate row

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर संपत्ति विवाद मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया है। इस फैसले के पीछे शीर्ष अदालत का मकसद परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे विवाद को शांति और समझदारी के साथ सुलझाना बताया गया है।

शीर्ष न्यायालय ने पक्षकारों को सलाह दी है कि वे इस विवाद से सम्बंधित कोई सार्वजनिक बयानबाजी न करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह के बयानबाजी से मामला सार्वजनिक मनोरंजन का विषय बन सकता है और इससे विवाद और बढ़ सकता है। न्यायालय ने परिवार के सदस्यों को संयम बरतने और विवाद को अदालत के बाहर सौहार्दपूर्ण ढंग से समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है।

पूर्व CJI डी. वाई. चंद्रचूड को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त करना सुप्रीम कोर्ट की इस बात का संकेत है कि मामला न्यायिक प्रक्रिया के बजाय पारिवारिक समझौते से समाप्त हो सके। मध्यस्थता प्रक्रिया के तहत वे दोनों पक्षों की बातों को समझेंगे, मार्गदर्शन देंगे और विवाद को समाधान की दिशा में ले जाने का प्रयास करेंगे।

संजय कपूर संपत्ति विवाद की पृष्ठभूमि में, पहले भी इस मामले को लेकर परिवार के भीतर मतभेद और विवाद सामने आए हैं। उच्च न्यायालयों में चल रहे मामलों के कारण यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए मध्यस्थ नियुक्ति के जरिए नई राह निर्धारित की है।

सर्वोच्च न्यायालय का मानना है कि इस तरह के परिवारिक विवादों में न्यायालयीय हस्तक्षेप सीमित रहना चाहिए और पहले पारस्परिक बातचीत एवं मध्यस्थता का रास्ता अपनाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह है कि परिवारिक संबंध बिगड़े बिना, विवाद का उचित और त्वरित समाधान निकाला जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल संजय कपूर परिवार को राहत मिलेगी, बल्कि समग्र न्याय व्यवस्था में भी मध्यस्थता की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा। दोनों पक्षों को उम्मीद है कि पूर्व CJI चंद्रचूड की मध्यस्थता से मामला त्वरित और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ जाएगा।

अंततः सुप्रीम कोर्ट की यह पहल दर्शाती है कि न्यायालय केवल विवाद का निपटारा करने के लिए नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक सद्भाव बनाए रखने के लिए भी हर संभव प्रयास करता है। इस मामले में न्यायालय की करीबी निगरानी और संतुलित निर्णय आने वाले दिनों में इस विवाद के शीघ्र समाधान की उम्मीद जगा रहे हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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