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आंध्र प्रदेश के जलीय किसान झींगा आहर्य सामग्री की कीमतों में भारी वृद्धि का विरोध करते हैं

Andhra Pradesh aqua farmers oppose steep hike in shrimp feed prices

आंध्र प्रदेश में Tenant Farmers Association ने ताजा झींगा आहर्य सामग्री की बढ़ाई गई कीमतों को लेकर बड़ी चिंता व्यक्त की है। संघ का कहना है कि बार-बार कीमतों में वृद्धि किसानों के लिए भारी नुकसान का कारण बन रही है, खासकर जब वे मौजूदा बीमारी प्रकोप और निर्यात बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं।

Tenant Farmers Association के प्रतिनिधि ने बताया कि खाद्य सामग्री के दामों में उछाल से खेती की लागत असंभव स्तर पर पहुंच गई है, जिससे किसान अपनी आजीविका चलाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। “हमें बार-बार कीमतों में इतनी वृद्धि क्यों सहनी पड़ती है?” उन्होंने सवाल किया। उन्होंने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर नई कीमतों को वापस लेने का आग्रह किया है ताकि किसानों को राहत मिल सके।

यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब समुद्री रोगों के प्रकोप ने झींगा पालन क्षेत्र को कमजोर कर दिया है। निर्यात बाजार की अनिश्चितता के कारण भी किसानों का मनोबल गिरा है। कुछ किसानों का कहना है कि निर्यात मांग घटने के कारण उन्हें उत्पादन बढ़ाने या गुणवत्ता सुधारने में मुश्किल हो रही है। इस बीच, उच्च लागतें उनकी मुनाफाखोरी को लगभग नामुमकिन बना रही हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि झींगा आहर्य सामग्री की बढ़ी हुई कीमतें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधाओं और कच्चे माल की बढ़ती लागतों के कारण बढ़ी हैं, लेकिन इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव किसान समुदाय पर पड़ रहा है। सरकार और उद्योग के बीच समझौता एवं सहयोग आवश्यक है ताकि किसानों की परेशानियों का समाधान निकाला जा सके।

Tenant Farmers Association ने बताया कि वे आगे भी इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और सरकार से पारदर्शिता एवं किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने का आग्रह करेंगे। किसानों की मदद के लिए उचित कदम उठाए जाने की उम्मीद है ताकि आंध्र प्रदेश के जलीय कृषि क्षेत्र को स्थिरता और विकास मिल सके।

कुल मिलाकर, फीड की बढ़ती कीमतों के विरोध में किसानों के संघर्ष और उनकी मांगों को समझना इस समय अत्यंत आवश्यक हो गया है। इस मुद्दे की समीक्षा और तेजी से समाधान ही किसानों के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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