दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

एनटीए ने 2024 लीक के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अनदेखा किया: FAIMA याचिका

NTA casually ignored Supreme Court order to overhaul system after 2024 leak: FAIMA petition

नई दिल्ली: बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने 2024 में हुई प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए सिस्टम सुधार के आदेशों को नजरअंदाज कर दिया। इस संबंध में FAIMA (फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया माईनॉरिटी एसोसिएशंस) ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि न्यायालय तुरंत हस्तक्षेप करे और एक आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने का आदेश दे ताकि लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

FAIMA की याचिका में बताया गया है कि 2024 में हुए लीक के बाद भी NTA ने उन सुधारों को लागू करने में लापरवाही बरती है जो सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशित किए थे। यह संस्था मांग कर रही है कि एक ऐसी प्रणाली बनाई जाए जो परीक्षा की तैयारियों, प्रश्नपत्र निर्माण, वितरण और परीक्षा संचालन के हर चरण को पूरी पारदर्शिता और ट्रैकिंग के साथ सुनिश्चित करे। याचिका में यह भी कहा गया है कि मौजूदा प्रणाली में कई कमियां हैं, जो छात्रों के भविष्य को जोखिम में डालती हैं।

FAIMA की तरफ से प्रस्तुत दलीलों में यह भी कहा गया है कि परीक्षा लीक जैसी घटनाएं बहुचर्चित होने के बावजूद NTA ने न तो सिस्टम में आवश्यक बदलाव किए हैं और न ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि वह इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर जांच करा दें और समयबद्ध तरीके से एक मजबूत और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली लागू करने का निर्देश जारी करें।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि बिना किसी आधुनिक तकनीक और सख्त सुरक्षा उपायों के परीक्षा प्रक्रिया को संपूर्ण रूप से सुरक्षित बनाना असंभव है। एक विशेषज्ञ ने कहा, “परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना बहुत जरूरी है ताकि छात्र केवल अपने मेधावी प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ सकें।”

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, छात्रों और अभिभावकों में भी यह चिंता व्याप्त है कि उनके मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। FAIMA की यह याचिका इस दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है, जो परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करती है और भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने की कोशिश करती है।

निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ही भारत में शिक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास को बनाए रख सकती है। इसलिए यह आवश्यक है कि उच्चतम न्यायालय इस मामले को गंभीरता से लेकर जरूरी कदम उठाए। छात्र और उनके अभिभावक अब न्यायालय से यह उम्मीद कर रहे हैं कि उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!