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अफ़्रीका से लौट रही सैटेलाइट टैग्ड अमूर बाज़पक्षी, भारत पार करने को तैयार

Satellite-tagged Amur falcons returning from Africa, set to cross India

नई दिल्ली। दिसंबर 2025 में मणिपुर से सैटेलाइट टैगिंग कर अवलोकित अमूर बाज़पक्षी अब अफ़्रीका के सोमालिया से भारत की ओर वापसी कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रवासी पक्षी भारत पर निर्भर कई पारंपरिक प्रवासन मार्गों से होकर गुजरेंगे, जो पक्षी संरक्षण एजेंसियों और पर्यावरणविदों के लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।

अमूर बाज़पक्षी, जिन्हें उनकी लंबी दूरी की प्रवासन क्षमताओं के लिए जाना जाता है, उत्तर पूर्व भारत के मणिपुर में टैग किए गए थे। प्रत्येक पक्षी में लगाए गए सैटेलाइट ट्रैकर की मदद से वैज्ञानिक उनके मार्ग, उड़ान की गति, और रुकावलों की जानकारी हासिल कर रहे हैं। यह तकनीक पक्षी संरक्षण में सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने तथा आवास क्षेत्रों की पहचान के लिए सहायक साबित हो रही है।

जानकारी मिली है कि ये पक्षी सर्दियों में सोमालिया में ठहरते हैं, जहां वे बेहतर पर्यावरण और भोजन की उपलब्धता के लिए प्रवास करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी और मार्च 2026 तक ये प्रवासी पक्षी भारत की सीमाओं को पार करना शुरू कर देंगे।

देश में कई जीवविज्ञान संस्थान और वन विभाग के अधिकारी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रवासन अध्ययन से न केवल अमूर बाज़पक्षी की जैव विविधता बल्कि उनके पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी काफी कुछ सीखने को मिलेगा। शोधकर्ताओं ने आशा जताई है कि इस अध्ययन से पक्षियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव गतिविधियों से होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी।

अमूर बाज़पक्षी जैसे प्रवासी पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कीड़ों और अन्य छोटे जीवों को नियंत्रित करते हुए कृषि क्षेत्र के लिए भी लाभकारी होते हैं। इनके प्रवासन की सही जानकारी और सुरक्षा के प्रयास, जैविका के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं।

इस प्रकार, 2025 में मणिपुर में टैग किए गए अमूर बाज़पक्षी अफ़्रीका से लौटकर भारत के आकाश में अपनी अनूठी उड़ान जारी रखने वाले हैं। पर्यावरणविद इस प्रवास को ध्यान से देख रहे हैं और देश में पक्षी संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने को तत्पर हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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