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दुलीप ट्रॉफी से शुरू होगा भारतीय घरेलू सत्र; रणजी ट्रॉफी का दो चरणों में 11 अक्टूबर से आगाज

Duleep Trophy to kick off Indian domestic season; two-phase Ranji Trophy starts October 11

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए घरेलू सत्र का इंतजार अब खत्म होने को है। इस बार का घरेलू क्रिकेट सत्र दुलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा, जो भारतीय क्रिकेट के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इसके बाद रणजी ट्रॉफी के दो फेज़ का आयोजन किया जाएगा, जिसका पहला चरण अक्टूबर से नवंबर तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनवरी से फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। इस तरह साल के अंत और नए साल में देशभर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका पाएंगे।

दुलीप ट्रॉफी का महत्व भारतीय क्रिकेट में खासी बड़ी रहा है, क्योंकि यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी के बाद भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करता है। इस बार की प्रतियोगिता में युवा और अनुभवी दोनों प्रकार के खिलाड़ी चयनित होकर मुकाबले में उतरेंगे। भारतीय घरेलू क्रिकेट के इस प्रमुख टूर्नामेंट में अलग-अलग क्षेत्रीय टीमों के बीच सीनियर क्रिकेट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

रणजी ट्रॉफी के दो फेज़ में बंटने से खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। पहले चरण में करीब एक महीने तक टीमों के बीच मजबूत मुकाबले होंगे, जिसके बाद खिलाड़ियों को कुछ समय आराम और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। जनवरी-फरवरी के दूसरे चरण में पुनः अखाड़ा सजाया जाएगा, जहां पिछले चरण के प्रदर्शन के आधार पर टीमें प्रतिष्ठा की रक्षा और बेहतर परिणाम की कोशिश करेंगी।

बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, इस साल घरेलू क्रिकेट में कई नई नीतियां और बदलाव लागू किए गए हैं ताकि खिलाड़ी अधिक प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में खेल सकें। स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, खासकर कोविड-19 महामारी के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। घरेलू टूर्नामेंटों को लेकर दर्शकों में भी उत्साह बड़ा है क्योंकि यह भारत के क्रिकेट के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस वर्ष के घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत दुलीप ट्रॉफी से होगी, जो आगामी राष्ट्रीय चयन के लिए एक प्रमुख आधार मानी जाती है। इसके बाद रणजी ट्रॉफी के दोनों चरणों में खिलाड़ियों को अपने कौशल को परखने का मौका मिलेगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रारूप खिलाड़ियों को अधिक प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव देगा, जो भारतीय क्रिकेट के लिए फायदेमंद साबित होगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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