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उपाध्यक्ष को 5 लाख तो पिता को लगाना है गाड़ी..ओवर बर्डेन के काम पर सत्ता के ठेकेदारों का एक्स्ट्रा बर्डन

नगर पंचायत की सत्ता का “ओवरलोड” – कोयला खदान में धमकी और वसूली का तांडव!

अध्यक्ष भाई पर जूता चुराने के आरोप तो उपाध्यक्ष माँगता है 5 लाख महीने की वसूली

Secl में कम्पनी के ओवर बर्डेन काम को सत्ता का बर्डेन दे रहे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष*

8 बार शिकायत किंतु प्रभारी की कलम सत्ता के नीचे दबी

अमलाई/शहडोल

शारदा ओसीएम में कोयला उत्खनन का काम कर रही M/S RK Earth Resources Pvt. Ltd. ने नगर पंचायत बकहो की अध्यक्ष मौसमी केवट और उपाध्यक्ष वैभव विक्रम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि पंचायत के “सत्ता के पावरप्ले” ने काम को ठप्प करने की धमकी तक दे डाली जहाँ अध्यक्ष मौसमी केवट अपने भाई को नौकरी से हटाने का बदला लेने पर आतुर है वहीं उपाध्यक्ष को एक मोटा कमीशन और उपाध्यक्ष पिता को कम्पनी में गाड़ी व मशीनरी लगाने की चुल चढ़ी है
इस एवज में नगर पंचायत उपाध्यक्ष को RK रिसोर्स से 5 लाख की मासिक “सत्ता रॉयल्टी” चाहिए यही नही कम्पनी के को आनर व डायरेक्टर को उपाध्यक्ष वैभव सिंह बकायदे वाट्सएप काल करके धमकी देते रहे ताकि सत्ता की धमकी भी हो जाए और आन काल धमकी की रिकार्डिंग भी न हो हलाकि कम्पनी के डायरेक्टर ने इसका बकायदे स्क्रीन शाट रखा है।
शिकायत में दावा किया गया है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष हर महीने को 5 लाख महीना न देने पर काम रोकने और गेट पर ताला लगाने की धमकी दी जा रही है जिसे सोशल मीडिया में एक वार्निग के तौर पर AI टूल का उपयोग करके वायरल भी किया गया है।

अध्यक्ष पति को चाहिए कोयला ताकि उसे बाहर बेच सके

नगर पंचायत में अध्यक्ष पति की क्या ठसक है यह किसी से छिपा नही है आए दिन उनके कारनामें खबरों से पटे रहते हैं कभी कर्मचारियों से अभद्रता तो कभी कोयला कम्पनियों को धमकी इस बात से गुरेज नही है कि आफ रिकार्ड आज भी अध्यक्षी अध्यक्ष पति ही चला रहे हैं।उन्होंने कम्पनी को इस सत्ता के दबाव के एवज में
कोयले की “व्यापारी समझौता नीति”फालो किया है और कम्पनी को फरमान जारी किया है कि “कोयला निकालो, हम बेचेंगे।” यानी दूसरे लफ्जो में कहें तो कोयला हमे दो हम उसे अपने रेट में बाहर बेचेंगे, जाहिर है, सत्ता का कारोबार भी अब निजी हाथों में है।

उपाध्यक्ष के पिता व उपाध्यक्ष की अलग डिमांड

शारदा ओसीएम नगर पंचायत कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है और यह क्षेत्र बकहो अन्तर्गत ही आता है जाहिर है कि सत्ता और उपाध्यक्ष के अपने कार्यालय का एक अलग ठाठ है जिसके कारण ओवर बर्डन कम्पनी को दबाया डराया जा रहा है और उनसे सौदे के तौर पर कहा जा रहा है कि हमारी गाड़ी अपने कम्पनी में लगा लो सब ठीक हो जाएगा उपाध्यक्ष के पिता का कथन, का यह कथन किसी पुराने बॉलीवुड डायलॉग से कम नहीं। लगता है कि खदान का काम अब गाड़ी और शक्ति के मेल से चलेगा।

अनुबंध के अनुसार रोजगार फिर भी रोजगार का तमाशा और सत्ता का स्वैग

कम्पनी ने दावा किया है कि सत्ताधारी दल से जुड़े ये लोग स्थानीय रोजगार की आड़ में काम बंद कराने की पुरजोर कोशिश प्रारम्भ से ही करते आ रहे हैं कंपनी का दावा है कि 100 लोगों को रोजगार दिया गया, फिर भी स्थानीय हितैषियों के बहाने काम बार-बार रोका जा रहा है। कर्मचारियों के साथ मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएँ भी हुई हैं।
अध्यक्ष का भी अपना एक स्वैग है “भाई वाला स्वैग”अध्यक्ष के भाई पर सेफ्टी जूता चोरी का आरोप भी है। जाहिर है, खदान की सुरक्षा भी परिवार के “टच” में है।
कंपनी का कहना है कि इन हरकतों से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और कोयला उत्पादन बाधित होने के कारण देश की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
अगर कोयला खदान “सत्ता के ओवरलोड” से बच गई, तो शायद ही कोई कामकाजी दिन ऐसा बीते जिसमें पंचायत की हस्तक्षेप की कहानी न सुनी जाए।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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