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बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये के पार, 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी

Petrol price crosses ₹110 mark in Bengaluru, fourth hike in 10 days

कर्नाटक में परिवहन संगठनों ने राज्य सरकार से कर में राहत की मांग की

बेंगलुरु: कर्नाटक के परिवहन क्षेत्र में चल रहे दबाव के बीच, विभिन्न परिवहन संगठनों ने राज्य सरकार से पेट्रोल, डीजल और अन्य यातायात संबंधित करों में राहत देने की आग्रही मांग की है। ये मांगें विशेष रूप से तब आई हैं जब पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और पिछले दस दिनों में बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर के निशान को पार कर चुकी है।

परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया है कि बढ़ती ईंधन कीमतों के परिणामस्वरूप वे अपने परिचालन व्यय को कम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उनका कहना है कि कर और वैट में कमी से वे लाभ उठा सकते हैं और आम जनसमुदाय तक बेहतर सेवाएं पहुंचा सकते हैं।

कर्नाटक सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि किस प्रकार वित्तीय सहायता दी जा सकती है। राज्य में ईंधन पर कर आमतौर पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर लगते हैं, और राज्य सरकार का मौजूदा राजस्व इस पर निर्भर है। हालांकि, सामाजिक-आर्थिक दबावों के चलते राहत की संभावना बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार करों में कोई कटौती करती है, तो इससे सार्वजनिक वाहनों के किराये में स्थिरता या कमी आ सकती है, जो लंबे समय से अनुकूल बात होगी। इसके अलावा, परिवहन क्षेत्र में आने वाली लागतों में कमी से छोटे और मध्यम वाहन ऑपरेटरों की टिकाऊ व्यावसायिकता सुनिश्चित हो सकती है।

पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण कई राज्यों में भी परिवहन संगठनों ने अपने-अपने सरकारों से राहत की मांग की है। बेंगलुरु में इस बढ़ोतरी ने खासतौर पर दैनिक यात्रियों और छोटे व्यापारियों को प्रभावित किया है, जो ईंधन की ज्यादा खपत करते हैं।

वित्तीय विश्लेषकों का सुझाव है कि सरकार को ईंधन पर कर नीति में पुनर्विचार करना चाहिए ताकि आर्थिक भार कम हो और आम जनता को राहत मिल सके। वहीं, पर्यावरणविद भी ईंधन की बढ़ती कीमतों का उपयोग ईंधन बचत और हरित ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए करने की वकालत कर रहे हैं।

इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार, उद्योग और नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि परिवहन क्षेत्र में संतुलन बना रहे और आर्थिक स्थिरता कायम रहे। जांच जारी है कि कौन-कौन से उपाय तुरंत कारगर साबित हो सकते हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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