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गूगल ने अमेरिकी न्यायालय के सर्च मोनोपोली फैसले के खिलाफ अपील दायर की

Google appeals U.S. court ruling on search monopoly

नई दिल्ली, 2024 – तकनीकी जगत की दिग्गज कंपनी गूगल ने अमेरिकी फेडरल कोर्ट के निर्णय के खिलाफ अपील दायर की है जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया था कि कंपनी ने अवैध रूप से अपने प्रतिस्पर्धियों को बाजार में प्रतिस्पर्धा करने से रोका। न्यायाधीश अमित मेहता द्वारा सुनाए गए इस 2024 के रूलिंग को गूगल ने कई कानूनी गलतियों से ग्रस्त बताया है।

गूगल का तर्क है कि न्यायाधिकरण ने कई बिंदुओं पर कानून की सटीक व्याख्या नहीं की और न तो उनकी व्यावसायिक प्रथाओं को पूरी तरह से समझा गया। कंपनी की ओर से दायर अपील में कहा गया है कि गूगल अपने सर्च इंजन के संचालन में प्रतिस्पर्धियों को अवरुद्ध नहीं करता बल्कि एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाये रखने का प्रयास करता है।

अमेरिकी न्यायालय के आदेश में उल्लेख किया गया था कि गूगल ने अपनी सर्च सेवा को लेकर बाजार में एकाधिकार स्थापित कर प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाया है। इस निर्णय के बाद टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े पैमाने पर चर्चा हुई, जहां विशेषज्ञों ने इस फैसले को डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना।

गूगल के वकीलों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि उनके प्लेटफार्म पर उपभोक्ताओं को श्रेष्ठ परिणाम दिए जाते हैं और प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए कंपनी लगातार नवाचार कर रही है। वे न्यायालय से अपील की बहस के दौरान सभी तथ्यों को पुनः विवेचित करने का अनुरोध कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में बड़ी कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा नियमों की कसौटी परखने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगा। गूगल की अपील प्रक्रिया और उसका परिणाम डिजिटल उद्योग की दिशाओं को निर्धारित करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

टेक इंडस्ट्री और नियामक एजेंसियां इस पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि यह न केवल गूगल के व्यवसाय को प्रभावित करेगा बल्कि अन्य टेक कंपनियों के लिए भी नीतिगत दिशा-निर्देश निर्धारित कर सकता है। आने वाले महीनों में अदालत के फैसले की प्रतीक्षा की जा रही है जो इस विवाद को अंतिम रूप देगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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