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फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने जुबीन गर्ग मौत मामले में सात आरोपियों पर आरोप तय किए

Fast-track court frames charges against seven accused in Zubeen Garg death case

गुवाहाटी: असम विधानसभा के पूर्व विधायक और गायक जुबीन गर्ग की मौत को लेकर चल रही जांच में नया मोड़ आया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की चार्जशीट में हत्या के आरोप के आधार पर चार आरोपियों को नामजद किया गया है। इस मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।

जुबीन गर्ग की मृत्यु सिंगापुर में 2025 में हुई थी, जहां वे तैराकी कर रहे थे। सिंगापुर के कोरोनर ने प्रारंभिक जांच में उनकी मौत को आकस्मिक डूबने का कारण बताया था। हालांकि, असम के मुख्यमंत्री ने यह दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था और गर्ग की हत्या की गई है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

SIT की जांच में जुटी टीम ने कई गवाहों का बयान दर्ज किया है और विभिन्न साक्ष्यों को जुटाकर चार्जशीट प्रस्तुत की है। आरोप पत्र में बताया गया है कि इस हत्या की योजना पूर्व निर्धारित थी और आरोपियों ने हत्या को सफल बनाने के लिए कई रुकावटें भी झेलीं।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई तेज़ कर दी है। न्यायालय ने सुनिश्चित किया है कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र सुनवाई हो ताकि मामले के सभी पहलुओं को सामने लाया जा सके। कोर्ट के इस फैसले के तहत जल्द ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू होने की संभावना है।

असम में और देश भर में इस मामले को लेकर जनता में गहरा संदेह और चिंता बनी हुई है। राजनीतिक दल और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर कई बार अपनी चिंता व्यक्त की है और न्याय की मांग की है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और कोई भी तथ्य छिपाया नहीं जाएगा। जुबीन गर्ग के परिवार को भी न्याय मिलने तक SIT अपनी जांच जारी रखेगी। अगले कुछ हफ्तों में इस मामले में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।

यह मामला न केवल असम के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है, जिसमें न्याय व्यवस्था की भूमिका पर भी निगाहें टिकी हैं। अब अदालत की प्रक्रिया और SIT की जांच ही बताएगी कि गर्ग की मौत के पीछे असली कारण क्या था। जनता इस मामले में न्याय की उम्मीद कर रही है और जल्द सच्चाई सामने आने की प्रतीक्षा कर रही है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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