दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

हंसराज और वी रविचन्द्रन ने पुरानी मनमुटाव को किया समाप्त: ‘समय चलता है, यादें नहीं’

Hamsalekha and V Ravichandran end long-standing rift: ‘Time passes, memories don’t’

लोकप्रिय संगीतकार हंसराज और अभिनेता-निर्देशक वी रविचन्द्रन ने अपनी लंबी चली मनमुटाव को पीछे छोड़ते हुए हाल ही में चर्चित ‘क्रेजी ब्रह्मा’ कॉन्सर्ट में एक यादगार वापसी की, जिसने फैंस के बीच एक नई उत्सुकता पैदा कर दी है। दोनों दिग्गजों ने इस अवसर पर अपने रिश्ते को फिर से जोड़ने का संकल्प लिया, जिससे उनके बीच पूर्व की कड़वाहट समाप्त हुई।

हंसराज और रविचन्द्रन के बीच से लेकर अब तक के एक लंबी कड़वाहट का अंत हुआ जो विभिन्न कारणों से वर्षों से बनी हुई थी। इस प्रसिद्ध संगीत कार्यक्रम के दौरान दोनों ने मिलकर मंच साझा किया और अपने प्रशंसकों को था एक अनमोल तोहफा दिया।

‘क्रेजी ब्रह्मा’ कॉन्सर्ट के आयोजकों और संगीत प्रेमियों ने इस अप्रत्याशित पुनर्मिलन को बेहद महत्वपूर्ण माना। दोनों कलाकारों के बीच मतभेदों को भुलाकर वे फिर से साथ आ गए, यह दर्शाता है कि समय के साथ पुरानी गलतफहमियां भुलाकर नई शुरुआत संभव है।

हंसराज ने इस अवसर पर कहा, “समय बीतता है, लेकिन यादें रहती हैं। हम दोनों ने अपने-अपने रास्ते पर चलकर अनुभव जुटाए और अब उसी अनुभव के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत करते हैं।” वहीं, वी रविचन्द्रन ने भी माना कि कल की दूरियाँ आज की साझेदारी में बदल गई हैं।

यह पुनर्मिलन न केवल उनके फैंस के लिए खुशी का विषय है, बल्कि यह इंडस्ट्री के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि मतभेदों को छोड़कर भी आपसी सम्मान और सहयोग के साथ काम किया जा सकता है। दोनों कलाकारों के आगामी प्रोजेक्टस में भी मिलकर काम करने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस नए सिरे से जुड़े रिश्ते को और मजबूती मिलेगी।

समाप्ति में कहा जा सकता है कि हंसराज और वी रविचन्द्रन का यह कदम निश्चित ही मनोरंजन जगत में एक खूबसूरत मिसाल बन गया है। फैंस भी इस मेल-मुलाकात से उत्साहित हैं और दोनों की जोड़ी को फिर से देखने के लिए बेकरार हैं। इस तरह की घटनाएं दर्शाती हैं कि कला और संगीत में सौहार्द्र और मेल-मिलाप कितना महत्वपूर्ण होता है।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!