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प्रारंभिक इनकार के बाद, सीबीएसई ने आईटी प्रणाली में कमजोरियां दूर करने के लिए एथिकल हैकर को आमंत्रित किया

After initial denial, CBSE invited ethical hacker to plug gaps in IT system

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपनी आईटी सिस्टम में पाए गए खामियों को सुधारने के लिए एक एथिकल हैकर को बुलाया है। बोर्ड ने शुरुआत में इस तरह की किसी भी सहायता से इनकार किया था, लेकिन बाद में आईटी सुरक्षा में सुधार की आवश्यकता को देखते हुए पेशेवर मदद लेने का निर्णय लिया गया।

सीबीएसई की आईटी प्रणाली में हाल ही में हुई जांच में कई कमजोरियां उजागर हुई थीं, जिनसे विद्यार्थियों और शिक्षा प्रक्रियाओं से जुड़ी संवेदनशील जानकारी खतरे में पड़ सकती थी। इन कमजोरियों को दूर करने के लिए बोर्ड ने अनुभवी एथिकल हैकर से संपर्क किया, जो वैध और नैतिक तरीकों से सिस्टम की सुरक्षा जांच कर सकता है।

एथिकल हैकर वह विशेषज्ञ होता है जो संस्थानों की सुरक्षा प्रणालियों में छिपे हुए जोखिम और कमजोरियों को खोजने का कार्य करता है। ये हैकर सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं, जैसे असली हैकर करते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य नुकसान पहुंचाना नहीं होता, बल्कि सुरक्षा बढ़ानी होती है।

सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “हमारे पास बड़ी मात्रा में विद्यार्थियों के डेटा होते हैं, जिसे सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रारंभ में हमने सोचा था कि हमारी वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है, लेकिन विशेषज्ञों के सुझाव पर हमने इस मामले में और गहन जांच करवाई। इसके बाद अनुभवी एथिकल हैकर की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया।”

बोर्ड ने बताया कि इस कदम के बाद उनकी आईटी सिस्टम में जितने भी संभावित खतरें थे, उन्हें चिन्हित कर लक्ष्यपूर्ण उपाय किए जाएंगे। इसका सीधा लाभ छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों को मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में स्कूलों और बोर्डों को अपनी तकनीकी सुरक्षा को मजबूत बनाना अनिवार्य है ताकि साइबर हमलों से बचा जा सके और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।

सीबीएसई के इस पहल को अन्य शैक्षिक संस्थानों ने भी एक सकारात्मक संकेत माना है और उम्मीद जताई है कि इससे देशभर के शैक्षिक संस्थानों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

इस पूरी प्रक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल सुरक्षा में सावधानी और विशेषज्ञ सहायता लेना आवश्यक है, और मौजूदा तकनीकी खतरों से निपटने में एथिकल हैकिंग एक प्रभावी माध्यम हो सकता है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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