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इजरायल ने नई लेबनान संघर्षविराम के प्रति प्रतिबद्धता जताई: राजदूत ने दी जानकारी, पर सेना बरकरार रहेगी

Israel Commits to New Lebanon Cease-Fire, Ambassador Says, but Troops Will Remain

अंतरराष्ट्रीय संबंधों के परिप्रेक्ष्य में लेबनान और इज़रायल के बीच संघर्षविराम को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। इज़रायल सरकार ने एक नई संघर्षविराम की प्रतिबद्धता जताई है, जिसके अनुसार वे लेबनान में शांति बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं। हालांकि, राजदूत ने यह स्पष्ट किया है कि तनाव के बीच अपनी सेनाओं को अभी बीच से हटाया नहीं जाएगा और यद्यपि संघर्षविराम की घोषणा हुई है, सैनिक वहां अपनी उपस्थिति बनाए रखेंगे।

हालांकि लेबनान में हिज़बुल्लाह संगठन ने अभी तक इस घोषणा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन इस तथ्य से यह स्पष्ट है कि स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। पिछले दिनों इज़रायल और हिज़बुल्लाह के बीच सक्रिय झड़पों ने क्षेत्रीय स्थिरता को चुनौती दी और इस वजह से यूएस-ईरान युद्ध के अगले दौर की वार्ता स्थगित कर दी गई थी। इस संघर्ष के चलते मध्यपूर्व में राजनीतिक बातचीत और कूटनीति में भी जटिलताएं उत्पन्न हुईं।

विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्षविराम की यह प्रतिबद्धता दो पड़ोसी देश और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी स्थिरता की संभावनाएं बढ़ती हैं। यूएस और ईरान के मध्य वार्ता में लेबनान के हालात का प्रभाव इस बार विशेष रूप से देखने को मिला है, क्योंकि हिज़बुल्लाह का इज़रायल के साथ तनाव सीधे तौर पर इस संघर्ष की प्रकृति और बातचीत की दिशा को प्रभावित करता है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सभी पक्षों से शांति प्रस्ताव की प्रति गंभीरता से पालन करने और नए संघर्ष के जोखिम को कम करने की अपील की है। विशेषज्ञों ने जोर दिया है कि वास्तविक शांति तभी संभव होगी जब दोनों पक्ष अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाएं और क्षेत्र में स्थिरता कायम रखने में सहयोग करें।

संक्षेप में कहा जाए तो इज़रायल की इस प्रतिबद्धता से संबंधित युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों में नई जान आई है, लेकिन सैन्य उपस्थिति और द्विपक्षीय तनाव अभी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हुए हैं। यह स्थिति अभी और कूटनीतिक प्रयासों की मांग करती है ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके। हिज़बुल्लाह का फिलहाल मौन, इस क्षेत्रीय गतिरोध को लेकर अनिश्चितता कायम रखता है और आगामी दिनों में उनकी प्रतिक्रिया पर पूरी अंतर्राष्ट्रीय नजर बनी रहेगी।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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