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लखनऊ अग्निकांड के गवाह ने बताया- बचाव का कोई मौका नहीं था, आग तेजी से फैल गई

लखनऊ अग्निकांड के चश्मदीद ने कहा- बचने का कोई रास्ता नहीं था, आग बहुत तेजी से फैली

लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भयंकर अग्निकांड ने शहर को सन्न कर दिया है। इस हादसे के चश्मदीद माला निगम ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि बचाव लगभग नामुमकिन था। उन्होंने यह विवरण आईएएनएस से साझा करते हुए बताया कि किस तरह इस भयंकर घटना ने कई लोगों की जान खतरे में डाल दी।

माला निगम ने बताया, “अग्निकांड के समय आग इतनी व्यापक और तीव्र गति से फैली कि किसी के बचने का कोई रास्ता नहीं बचा था। इमारत में केवल एक ही प्रवेश-द्वार था जहां से आने-जाने की सुविधा थी, लेकिन वह भी लॉक था, जिससे लोगों का बाहर निकलना संभव नहीं हुआ।” उन्होंने आग लगने के कारण एसी के कंप्रेसर में धमाके का हवाला दिया, जिसके बाद आग पूरे भवन में फैल गई।

घटना स्थल के मुताबिक, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप थी जहां कई जानवर जैसे कुत्ते और बिल्लियाँ रखे गए थे। जैसे ही आग लगी, पेट शॉप पर मौजूद लोग जानवरों को बचाने के लिए पिंजरों को बाहर निकालने की कोशिश में जुट गए। परंतु ऊपरी मंजिलों पर पढ़ाई कर रहे बच्चे और अन्य लोग दहशत में फंसे रहे। कुछ बच्चों ने जान बचाने के लिए नीचे छलांग लगाई जिससे वे घायल हो गए।

माला निगम ने आगे बताया कि इमारत का स्टोर रूम और उसके ऊपर कोचिंग सेंटर स्थित था जहां बच्चे पढ़ रहे थे। वे कहते हैं कि इमारत का दरवाजा थम्ब लॉक से बंद था, जिसे समय रहते नहीं खोला जा सका। वहीं ऊपर छत का दरवाजा भी शटर से बंद था, जिससे बच्चों का छत तक जाना असंभव हो गया। परिणामस्वरूप, बच्चे आग और धुएं के बीच फंस गए।

उन्होंने बताया कि कई बच्चे एक-दूसरे को देखकर सहारा पाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ डर के कारण टॉयलेट में छिप गए थे। आग के साथ-साथ एसी ब्लास्ट से निकली गैस ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे वहां ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर गया।

माला निगम जो स्वयं एक सोशल वर्कर हैं, ने तुरंत हादसे का वीडियो और जरूरी जानकारी व्हाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से साझा की ताकि मदद तुरंत पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इस भयावह घटना ने सभी को चौका दिया है और सरकार से जल्द से जल्द जांच और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है।

यह कोचिंग सेंटर अग्निकांड लखनऊ में सुरक्षा मानकों और इमारती व्यवस्था पर गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को चाहिए कि वे खाली जगहों के लॉक और सुरक्षा उपकरणों की कड़ी जांच करें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

यह घटना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए दुखद है, बल्कि पूरे समाज को सुरक्षित रहने के लिए सतर्क रहने और बचाव व्यवस्था को मजबूत करने की सीख भी देती है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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