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एनएमआईएमएस ने छात्र पाठ्यक्रम में एआई कौशल सम्मिलित करने की पहल शुरू की

NMIMS launches initiative to embed AI skills in student curriculum

मुंबई: आधुनिक शिक्षा प्रणाली को तकनीकी क्रांति के अनुरूप ढालने के लिए नोर्वेल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (NMIMS) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान ने अपने छात्र पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कौशल को समाहित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम लॉन्च किया है। यह कदम छात्रों को भविष्य की मांगों के अनुसार तैयार करने और रोजगार बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल विद्यार्थियों को न केवल AI की बुनियादी समझ प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता भी सिखाएगी। इसके तहत छात्रों को मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, और स्वचालन जैसे क्षेत्रों में गहराई से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस नई पहल से छात्र तकनीकी क्षेत्रों में तेज़ी से हो रहे बदलावों के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम होंगे।

एनएमआईएमएस के प्रवक्ता ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हम छात्रों को ऐसे उपकरण और कौशल प्रदान करें जो उन्हें भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करें। AI अब व्यापार, चिकित्सा, वित्त, और अन्य अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इसलिए हमारे पाठ्यक्रम को भी इसी दिशा में विकसित करना अनिवार्य था।”

विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में AI कौशल का लाभ लेना विद्यार्थियों के लिए नियोक्ता की नजर में प्राथमिकता बन गया है। इससे उनकी रोजगार संभावना बढ़ती है और वे नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ अपने करियर को मजबूत कर पाते हैं। NMIMS की यह पहल इस दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

इस पहल के अंतर्गत वरिष्ठ शिक्षक और उद्योग जगत के विशेषज्ञ मिलकर विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक सेमिनार, वर्कशॉप, और प्रोजेक्ट कार्य आयोजित करेंगे। इसके अलावा, छात्रों को उद्योग में AI आधारित सॉफ्टवेयर और टूल्स के प्रयोग का भी अवसर मिलेगा। इससे न केवल उनकी शिक्षा सुदृढ़ होगी, बल्कि वे वास्तविक परियोजनाओं पर काम कर अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

छात्रों और अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत किया है और आशा जताई है कि इससे भारतीय युवा वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में सशक्त भूमिका निभा सकेंगे। एनएमआईएमएस की यह पहल देश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक मिसाल बन सकती है और अन्य शिक्षण संस्थान भी प्रेरित होंगे।

इस प्रकार, NMIMS द्वारा छात्र पाठ्यक्रम में AI कौशल सम्मिलित करने की यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगी, बल्कि युवा पीढ़ी को तकनीकी क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और अवसरों के लिए पूर्णतः तैयार करेगी। यह कदम भारत को डिजिटल और तकनीकी नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास साबित हो सकता है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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