दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

ट्रम्प चाहते थे कि एक अमेरिकी फुटबॉल स्टार वर्ल्ड कप में खेले, फीफा ने निकाला रास्ता

Trump Wanted a U.S. Soccer Star to Play in the World Cup. FIFA Found a Way.

हाल ही में फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फान्टिनो ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा एक अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन की सस्पेंशन रद्द कराने के लिए की गई कॉल में कुछ भी असामान्य नहीं था। इन्फान्टिनो ने इस पहलू को स्पष्ट किया कि फीफा ने स्थिति को पूरी तरह से सही ढंग से संभाला और नियमों के अनुसार ही निर्णय लिया गया।

प्रिंसिपल अधिकारी ने कहा कि किसी भी बाहरी दबाव के बिना फीफा ने बालोगुन की निलंबन रद्द की, जिसका मतलब है कि खेल के न्यायप्रिय सत्ताधिकार पर कोई समझौता नहीं हुआ। बालोगुन, जो अमेरिकी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने वाले एक प्रमुख युवा खिलाड़ी हैं, का निलंबन मुकाबले के दौरान नियमों के उल्लंघन को लेकर हुआ था।

ट्रम्प के इस हस्तक्षेप की खबर मीडिया में काफी चर्चा का विषय बनी थी। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक दखलअंदाजी के रूप में देखा तो कुछ ने कहा कि यह अमेरिकी खेल को बढ़ावा देने का एक प्रयास था। हालांकि, फीफा अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि खिलाड़ी के सस्पेंशन को वापस लेना एक प्रक्रिया थी जो पहले से ही शुरू हो चुकी थी और इस पर फीफा की तकनीकी टीम ने गहन समीक्षा के बाद निर्णय लिया।

फीफा का यह भी कहना था कि सभी नियम समान रूप से सभी खिलाड़ियों पर लागू होते हैं और कोई भी खिलाड़ी या अधिकारी नियमों से ऊपर नहीं है। बालोगुन के मामले में भी पूरी पारदर्शिता बनाए रखी गई। इससे यह संदेश भी जाता है कि खेल में निष्पक्षता और नियमों का पालन सर्वोपरि रहता है।

इस मुद्दे पर अमेरिकी फुटबॉल संघ ने भी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उन्होंने अपने खिलाड़ी की बेबाकी और प्रतिभा को विश्व स्तर पर दिखाने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। वे राष्ट्रपति की कॉल से प्रभावित नहीं हुए बल्कि फीफा के नियम सक्षमता को मानते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से यह साबित होता है कि वैश्विक खेल संगठनों में विभिन्न स्तरों पर राजनीतिक और प्रशासनिक दबावों के बावजूद खेल की मूल भावना और निष्पक्षता को स्थापित रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। फीफा के इस कदम से विश्व फुटबॉल में नियमों के पालन और खिलाड़ियों के अधिकारों का संरक्षण मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

फुटबॉल प्रेमी और विशेषज्ञ इस निर्णय को खेल के हित में लिया गया सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जिससे खेल की प्रतिष्ठा और भी अधिक बढ़ेगी। भविष्य में इस तरह के मामलों में भी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को अस्वीकार किया जाएगा।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!