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शिक्षकों में 55% महिलाएं, छात्राओं का नामांकन बढ़ा: सरकार

55% teachers are women, girl student enrolment up: govt.

नई दिल्ली। हाल ही में जारी हुए UDISE रिपोर्ट के अनुसार देश में शैक्षिक प्रणाली में सकारात्मक बदलाव देखे गए हैं। इस रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि ड्रॉपआउट दरों में कमी आई है और छात्र बनाम शिक्षा प्रणाली में बने रहने की दर में सुधार हुआ है। साथ ही, अधिक स्कूलों को कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर सीखने का अवसर मिल रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षकों की संख्या में भी 2022-23 की तुलना में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो शिक्षण गुणवत्ता में सुधार का संकेत है। विभिन्न शैक्षिक स्तरों में छात्रों की प्रगति भी मजबूत हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा का स्तर बेहतर हो रहा है और छात्र निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रॉपआउट रेट में कमी बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षण पर जोर देने की नीति का नतीजा है। इसका प्रभाव समाज पर भी सकारात्मक पड़ा है क्योंकि शिक्षा के माध्यम से बेहतर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

साथ ही, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी आधुनिक तकनीक का समावेश पाठ्यक्रम में छात्रों के कौशल विकास के लिए अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है। डिजिटल शिक्षा के जरिये बच्चे ऑनलाइन सामग्री तक पहुँच पा रहे हैं, जो उनकी सीखने की प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ और रोचक बनाता है।

सरकारी शिक्षा विभाग ने बताया कि शिक्षकों की संख्या में वृद्धि के कारण कक्षा में शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर हुआ है, जिससे प्रत्येक छात्र को अधिक ध्यान देने का अवसर मिलता है। यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।

अंत में कहा जा सकता है कि UDISE रिपोर्ट में सामने आए ये आंकड़े भारत की शिक्षा प्रणाली की मजबूती और विकास की कहानी बयां कर रहे हैं। सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र और उन्नति करेगी।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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