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फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के दोषी को फांसी, अदालत ने कहा यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध

फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के दोषी को फांसी, अदालत ने कहा- यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध

फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में आरव हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा देकर कठोर न्याय का परिचय दिया। अदालत ने इस घटना को ‘‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’’ यानी सबसे दुर्लभ श्रेणी का अपराध बताया। यह फैसला एक दिन पहले आरोपी को हत्या का दोषी ठहराने के बाद आया है। सजा के ऐलान के समय आरोपी भावुक हो गया, जिसे पुलिस सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।

अदालत ने दलीलों और साक्ष्यों को माना निर्णायक

सजा सुनाने से पहले न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनीं। अभियोजन ने प्रस्तुत किए गए सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयानों और तकनीकी सबूतों को आधार मानते हुए आरोपी की संलिप्तता सिद्ध की। कोर्ट ने इन साक्ष्यों को पर्याप्त ठहराया और हत्या की गंभीरता, क्रूरता को देखते हुए फांसी की सजा का निर्णय लिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मृत्युदंड पर आगे की प्रक्रिया उच्च न्यायालय की पुष्टि के बाद ही पूरी होगी।

पीड़ित परिवार को मिला न्याय, अदालत परिसर में हुई उपस्थिति

फैसले के वक्त आरव की नानी पिंकी देवी भी न्यायालय में मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने से उनके अंदर थोड़ी शांति आई है। परिवार ने पुलिस और प्रशासन के तेजी से कार्रवाई करने की सराहना की। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर आरोपी को अदालत से जेल तक कड़ी निगरानी में ले जाया गया।

दिल दहला देने वाली वारदात 30 मई को हुई थी

मामला 30 मई को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद इलाके की यादव कॉलोनी का है। आरोपी विराज ने अपने रिश्ते की भाभी रति से शादी के न होने पर नाखुशी जताते हुए उसके डेढ़ साल के बेटे आरव की हत्या की। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी ने बच्चे को टॉफी देने के बहाने बाहर निकाला और वहीं सुनसान जगह पर उसकी निर्मम हत्या की। वारदात कुछ ही सेकंडों में हुई और आरोपी फरार हो गया।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

पुलिस को घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज मिली, जो आरोप साबित करने में अहम रही। इससे जुड़ी तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र दायर किया गया। पुलिस ने दलील दी कि साक्ष्य पूरी तरह आरोपी की संलिप्तता दर्शाते हैं।

गिरफ्तारी मुठभेड़ के बाद हुई

अपराध के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश की और उसी रात उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ हुई जिसमें आरोपी को दोनों पैरों में गोली लगी। इलाज के बाद उसे न्यायिक हिरासत में रखा गया। सुनवाई तेज तरीके से हुई और अदालत ने दोषी करार दिया।

समाज में फैल गया आमआक्रोश

मासूम आरव की हत्या की खबर से पूरे प्रदेश में रोष व्याप्त था। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन कठोर कार्रवाई की मांग पर आमद हुए। इसका प्रभाव न्यायिक प्रक्रिया पर भी दिखा और अदालत ने दंडित कर मामले को समाप्ति की ओर बढ़ाया। हालांकि मृत्युदंड का अंतिम क्रियान्वयन उच्च न्यायालय की मंजूरी और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही होगा। इस फैसले के बाद इस दुखद घटना में न्याय की उम्मीद बंधी है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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