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खैरात की तर्ज पर बांटी गई आवास योजना,गरीब आज भी बेघर

प्रधानमंत्री आवास योजना आवास प्लस 2.0: सौगात या खैरात?

पंचायत की मलाई से नही छूट रहा दलालो का मोह एक नही दीगर पंचायतों पर दखल

गरीबो से छीना गया छत,अमीरों और करदाताओं को उपकृत

10 बिंदुओं की अनदेखी, इस दायरे में सैकड़ो आवास योजना

खोजवा की खोजबीन को हरिलाल की हरी झंडी,इनका हो जाँच

पात्र गरीबों की जगह अपात्रों को लाभ देने के आरोप, जांच की उठी मांग


शहडोल।

गरीबों के पक्के घर के सपने को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना (आवास प्लस 2.0) पर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के लाभार्थियों के चयन में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जरूरतमंद परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के नाम सूची में शामिल कर उन्हें योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
आरोप है कि जनपद सोहागपुर अन्तर्गत ग्राम पंचायत सरईकापा में कुछ सरकारी कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से पात्रता मानकों की अनदेखी की गई। इसके चलते जिन गरीब परिवारों को पक्के आवास की सबसे अधिक जरूरत थी, वे योजना से वंचित रह गए, वहीं अपात्र लोगों को लाभ मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आवास योजना गरीबों के लिए एक बड़ी सौगात थी, लेकिन यदि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही तो यह योजना अपने मूल उद्देश्य से भटक सकती है। करदाताओं के धन से संचालित इस योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना जरूरी है।

निष्पक्ष जाँच कर आर्थिक अपराध दर्ज किया जाए सरकारी मुलाजिमों पर

ग्राम पंचायत सरईकापा में आवास योजना की बंटी खैरात से ग्रामीण आहत हैं और अलग-अलग लोगों ने अपनी पीड़ा बताते हुए बताया कि ऐसे ऐसे लोगों के नाम है जिनके पास पक्की दीवारों के मकान पूर्व से ही हैं और उनके पास दर्जनों एकड़ भूमि हैं व उसके काश्तकार हैं यहॉ नही कुछ ऐसे हितग्राही भी हैं जहाँ सरकारी कर्मचारियों के मोटी तनख्वाह से बकायदे घर परिवार चल रहा है किंतु इस दायरे और नियम कानून को दरकिनार सरकारी मुलाजिमों ने अपने ही सरकार से दगा किया है अगर इस योजना का लाभ मुह देखकर किसी को भी उपकृत किया गया है तो इस लाभ के दायरे से वह गरीब क्यों वंचित हैं जिसे वास्तव में यह लाभ मिलना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि आवास प्लस 2.0 की सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए जाएं और पात्र गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इन शिकायतों पर कितना गंभीर रुख अपनाता है और क्या पात्र गरीबों को उनका हक मिल पाता है।

इनका कहना है..

आप बताइए उन लोगों के नाम काट दिए जाएंगे जो इस आवास योजना के पात्र नही है और अगर 10 बिंदु से बाहर हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही कर जाँच की जाएगी.कैलाश सिंह ब्लाक समन्वयक

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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