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जो कचरा समझकर फेंकी जाती थीं सीपियां, वही बनीं समुद्री जीवन की नई उम्मीद; फ्लोरिडा की पहल बनी मिसाल

फ्लोरिडा: जिस चीज़ को कभी बेकार समझकर कचरे में फेंक दिया जाता था, उसी ने आज समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से जीवित करने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य ने 2007 से 2024 के बीच मेक्सिको की खाड़ी में 5 लाख टन से अधिक रीसायकल की गई ऑयस्टर और क्लैम की सीपियां डालकर समुद्री जीवन को पुनर्जीवित करने की अनोखी पहल की, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दुनिया के सामने हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ये सीपियां समुद्र से नहीं निकाली गई थीं, बल्कि सीफूड रेस्तरां और प्रोसेसिंग प्लांट से इकट्ठा की गई थीं। इन्हें लैंडफिल में फेंकने के बजाय उन क्षेत्रों में डाला गया, जहां वर्षों से ऑयस्टर रीफ (सीप की चट्टानें) नष्ट हो चुकी थीं।

शुरुआत में इस योजना की काफी आलोचना हुई और कई लोगों ने इसे समुद्र में कचरा फेंकने जैसा कदम बताया। हालांकि, समय के साथ इन सीपियों पर बैक्टीरिया की परत बनी, छोटे ऑयस्टर बसने लगे और धीरे-धीरे नई रीफ तैयार हो गईं। इससे समुद्री जीवों के लिए सुरक्षित आवास बनने लगे।

ऑयस्टर प्राकृतिक फिल्टर की तरह काम करते हैं। वे बड़ी मात्रा में पानी को साफ करते हैं, जिससे हानिकारक शैवाल कम होते हैं और पानी की गुणवत्ता में सुधार आता है। इसके परिणामस्वरूप मछलियों, कछुओं और डॉल्फिन जैसी कई समुद्री प्रजातियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले 25 वर्षों में नहीं देखी गई थी।

इस परियोजना का लाभ केवल समुद्री जीवों तक सीमित नहीं रहा। बेहतर समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिला, तटीय पर्यटन मजबूत हुआ और ऑयस्टर रीफ ने समुद्री तूफानों के दौरान लहरों की ताकत कम कर तटों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

फ्लोरिडा की इस सफलता के बाद अमेरिका के अलबामा, टेक्सास, लुइसियाना, कैलिफोर्निया, मिसिसिपी और कैरोलिना जैसे कई राज्यों ने भी इसी तरह के शेल रीसाइक्लिंग कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। यह पहल अब पर्यावरण संरक्षण और समुद्री जैव विविधता बहाली का एक सफल मॉडल मानी जा रही है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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