दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

संजय लीला भंसाली की दमदार हीरोइनों ने रचा इतिहास, यादगार किरदारों और संवादों से जीता दर्शकों का दिल

भंसाली की फिल्मों में हीरोइनें सिर्फ किरदार नहीं, कहानी की सबसे बड़ी ताकत

मुंबई, महाराष्ट्र। हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक संजय लीला भंसाली अपनी भव्य फिल्मों, शानदार विजुअल्स और मजबूत किरदारों के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि महिला पात्र केवल सहायक भूमिका तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरी कहानी का केंद्र बनते हैं। यही वजह है कि पारो, चंद्रमुखी, मस्तानी, रानी पद्मावती, गंगूबाई और हीरामंडी की मल्लिकाजान जैसे किरदार आज भी दर्शकों की यादों में जीवंत हैं।

‘पद्मावत’ की रानी पद्मावती बनी साहस की मिसाल

साल 2018 में रिलीज हुई ‘पद्मावत’ में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती का किरदार निभाया। फिल्म में उनका संवाद “राजपूती कंगन में उतनी ही ताकत है जितनी राजपूती तलवार में” महिलाओं के साहस, आत्मसम्मान और वीरता का प्रतीक बन गया। यह संवाद फिल्म के सबसे चर्चित पलों में शामिल रहा और आज भी खूब याद किया जाता है।

‘राम-लीला’ में प्रेम की बेबाक कहानी

साल 2013 में आई ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ ने दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की जोड़ी को नई पहचान दी। फिल्म का संवाद “बेशरम, बदतमीज, खुदगर्ज होता है… पर प्यार तो ऐसा ही होता है” दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। फिल्म के गाने, कहानी और कलाकारों की केमिस्ट्री ने इसे बड़ी व्यावसायिक सफलता दिलाई।

‘बाजीराव मस्तानी’ में काशीबाई और मस्तानी दोनों ने छोड़ी छाप

‘बाजीराव मस्तानी’ में दीपिका पादुकोण की मस्तानी और प्रियंका चोपड़ा की काशीबाई दोनों ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। काशीबाई का संवाद “आप हमसे हमारी जिंदगी मांग लेते… पर आपने हमारा गुरूर छीन लिया” आज भी सोशल मीडिया पर खूब साझा किया जाता है। वहीं मस्तानी के भावनात्मक संवादों ने भी फिल्म की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी।

‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ ने आलिया भट्ट के करियर को दी नई उड़ान

साल 2022 में रिलीज हुई ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में आलिया भट्ट ने दमदार अभिनय से सभी को प्रभावित किया। उनका संवाद “जब शक्ति, संपत्ति और सद्बुद्धि तीनों ही औरतें हैं, तो इन मर्दों के किस बात का गुरूर?” महिलाओं के आत्मविश्वास और अधिकारों की आवाज बनकर उभरा। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

‘देवदास’ की पारो और चंद्रमुखी आज भी हैं यादगार

भंसाली की क्लासिक फिल्म ‘देवदास’ में ऐश्वर्या राय की पारो और माधुरी दीक्षित की चंद्रमुखी दोनों ने अपने अभिनय से अमिट छाप छोड़ी। चंद्रमुखी का संवाद “प्यार का कारोबार तो बहुत बार किया है… मगर प्यार सिर्फ एक बार” आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है।

‘हीरामंडी’ ने OTT पर भी कायम रखा भंसाली का जादू

भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ ने भी रिलीज के बाद काफी चर्चा बटोरी। मनीषा कोईराला, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, ऋचा चड्ढा, संजीदा शेख और शर्मिन सहगल जैसे कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा। सीरीज के कई संवाद और किरदार सोशल मीडिया पर लंबे समय तक चर्चा में रहे।

महिला-केंद्रित किरदार बने भंसाली की पहचान

संजय लीला भंसाली की फिल्मों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनकी महिला पात्र मजबूत व्यक्तित्व, आत्मसम्मान और भावनात्मक गहराई के साथ पर्दे पर दिखाई देती हैं। यही कारण है कि उनकी फिल्मों में निभाए गए महिला किरदार सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरी फिल्म की पहचान बन जाते हैं। इसी वजह से आज भी कई अभिनेत्रियां भंसाली के निर्देशन में काम करना अपने करियर की बड़ी उपलब्धि मानती हैं।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!