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NTA Security Tender: NEET पेपर लीक के बाद बड़ा कदम, 7.5 करोड़ रुपये की 24×7 सुरक्षा व्यवस्था के लिए जारी किया टेंडर

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने अपने मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री की चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।

एनटीए द्वारा 25 जुलाई को जारी किया गया यह टेंडर सुरक्षा, हाउसकीपिंग और परीक्षा से जुड़े प्रिंटिंग कार्यों की व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है। इसमें परीक्षा सामग्री की प्रिंटिंग, स्टोरेज, रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। एजेंसी का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भविष्य में परीक्षा संबंधी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

दो साल के लिए होगा सुरक्षा अनुबंध

टेंडर के अनुसार, चयनित सुरक्षा एजेंसी को शुरुआती दो वर्षों के लिए नियुक्त किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इस अनुबंध को एक-एक वर्ष के लिए दो बार बढ़ाया जा सकेगा। इच्छुक एजेंसियां 17 अगस्त तक अपनी वित्तीय और तकनीकी बोलियां जमा कर सकेंगी, जबकि प्रिंटिंग सेवाओं से जुड़ा टेंडर 20 अगस्त तक खुला रहेगा।

गोपनीय परीक्षा सामग्री की होगी कड़ी निगरानी

चयनित एजेंसी की जिम्मेदारी केवल कार्यालय परिसर की सुरक्षा तक सीमित नहीं होगी। उसे एनटीए के कर्मचारियों, आगंतुकों, परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री, सर्वर रूम, स्ट्रॉन्ग रूम, रिकॉर्ड रूम, वेयरहाउस और अन्य संवेदनशील स्थानों की 24×7 निगरानी करनी होगी। इसके अलावा प्रवेश और निकास पर कड़ी निगरानी, आगंतुकों की पहचान की जांच, डिजिटल लॉग बनाए रखना तथा केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश देने की व्यवस्था भी एजेंसी की जिम्मेदारी होगी।

आधुनिक तकनीक से होगी सुरक्षा व्यवस्था

एनटीए ने सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने का फैसला किया है। इसके तहत डोर-फ्रेम मेटल डिटेक्टर, हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर, जीपीएस आधारित गार्ड पेट्रोलिंग सिस्टम, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल इंसिडेंट रिपोर्टिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

चयन में गुणवत्ता को मिलेगी प्राथमिकता

इस बार एनटीए ने केवल सबसे कम कीमत देने वाली एजेंसी का चयन करने के बजाय क्वालिटी-कम-कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन (QCBS) मॉडल अपनाया है। इसमें तकनीकी क्षमता को 70 प्रतिशत और वित्तीय बोली को 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। केवल वही एजेंसियां वित्तीय मूल्यांकन तक पहुंचेंगी, जिन्हें तकनीकी मूल्यांकन में कम से कम 70 अंक प्राप्त होंगे।

अनुभवी एजेंसियों को ही मिलेगा मौका

टेंडर की शर्तों के अनुसार, आवेदन करने वाली एजेंसी के पास पेशेवर सुरक्षा सेवाओं का कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। साथ ही पिछले तीन वित्तीय वर्षों में उसका औसत वार्षिक कारोबार 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक होना आवश्यक है। इसके अलावा संबंधित एजेंसी ने पहले केंद्र सरकार के संस्थानों, परीक्षा एजेंसियों, विश्वविद्यालयों, हवाई अड्डों, अस्पतालों या मेट्रो जैसी हाई-सिक्योरिटी संस्थाओं में सुरक्षा सेवाएं प्रदान की हों।

NEET पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए द्वारा उठाया गया यह कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और उम्मीदवारों का भरोसा बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक और अनुभवी एजेंसियों की भागीदारी से भविष्य में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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