स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट का इस्तेमाल हो चुका ऊपरी हिस्सा आज भारतीय समयानुसार दोपहर 12:05 बजे चंद्रमा से टकराएगा। करीब 8,700 किमी/घंटा की रफ्तार से होने वाली इस टक्कर से चंद्रमा की सतह पर नया क्रेटर बनने की संभावना है। हालांकि यह घटना पृथ्वी के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और इसे नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकेगा।

वैज्ञानिकों का मानना है कि टक्कर के बाद उठने वाली धूल और मलबे का अध्ययन चंद्रमा की सतह, क्रेटर बनने की प्रक्रिया और अंतरिक्ष मलबे के प्रभाव को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। यह रॉकेट स्टेज 2025-010D के नाम से पहचाना गया है और जनवरी 2025 में लॉन्च हुए फाल्कन-9 मिशन का हिस्सा था।