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26 साल पहले 11 अगस्त को रिलीज हुई थी ‘धड़कन’, आज भी याद हैं इसके गाने; कुमार सानू और अल्का याग्निक की आवाज ने रचा था जादू

मुंबई, महाराष्ट्र

हिंदी सिनेमा में कई फिल्में ऐसी हैं, जो रिलीज के समय सफल होती हैं और फिर धीरे-धीरे दर्शकों की यादों से दूर चली जाती हैं। लेकिन कुछ फिल्मों का संगीत और कहानी ऐसा असर छोड़ता है कि कई साल बाद भी उनका जिक्र होते ही पुराने दौर की यादें ताजा हो जाती हैं। 11 अगस्त 2000 को रिलीज हुई ‘धड़कन’ भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है।

अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी और सुनील शेट्टी स्टारर इस फिल्म को रिलीज हुए 26 साल हो चुके हैं। धर्मेश दर्शन के निर्देशन में बनी ‘धड़कन’ ने प्रेम, रिश्तों और भावनाओं की कहानी को पर्दे पर पेश किया था। फिल्म में अक्षय कुमार ने राम, शिल्पा शेट्टी ने अंजलि और सुनील शेट्टी ने देव की भूमिका निभाई थी।

फिल्म की कहानी के साथ इसका संगीत भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। कुमार सानू, अल्का याग्निक और उदित नारायण जैसे दिग्गज गायकों ने फिल्म के गीतों को अपनी आवाज दी। उस दौर में फिल्म के गानों की लोकप्रियता किसी फिल्म के प्रचार और सफलता में बड़ी भूमिका निभाती थी और ‘धड़कन’ को इसका भरपूर फायदा मिला।

संगीत ने बनाई अलग पहचान

‘धड़कन’ के गानों में रोमांस और भावनाओं का ऐसा मेल था, जो सीधे दर्शकों से जुड़ता था। कुमार सानू और अल्का याग्निक की आवाज ने फिल्म के रोमांटिक गीतों को खास पहचान दी। वहीं उदित नारायण की आवाज ने भी इसके संगीत को अलग रंग दिया।

फिल्म के गीत रिलीज के बाद लंबे समय तक रेडियो, म्यूजिक चैनलों और लोगों की निजी प्लेलिस्ट में सुनाई देते रहे। आज के दौर में जब संगीत सुनने के तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं, तब भी ‘धड़कन’ के गीत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुने जाते हैं।

यही वजह है कि फिल्म का संगीत केवल अपने दौर तक सीमित नहीं रहा। पुरानी पीढ़ी के दर्शकों के साथ-साथ नई पीढ़ी के लोग भी इसके गीतों से जुड़ते रहे हैं।

अक्षय-शिल्पा की जोड़ी बनी यादगार

फिल्म में अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी की जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया। दूसरी ओर सुनील शेट्टी ने देव का किरदार निभाकर कहानी में भावनात्मक मजबूती जोड़ी।

फिल्म की कहानी प्रेम और रिश्तों के बीच आने वाले संघर्ष पर आधारित थी। किरदारों के सामने आने वाली परिस्थितियां कहानी को आगे बढ़ाती हैं और दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं।

‘धड़कन’ की खासियत यह भी रही कि फिल्म के कलाकारों और संगीत के बीच अच्छा तालमेल देखने को मिला। गीतों ने कहानी के भावनात्मक हिस्सों को और प्रभावी बनाया।

26 साल बाद भी क्यों याद है ‘धड़कन’?

फिल्म की रिलीज के 26 साल बाद भी इसके गाने लोगों को याद हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि फिल्म का संगीत अपने दौर की लोकप्रिय संगीत शैली के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी मजबूत था।

टीवी पर फिल्म के बार-बार प्रसारण और बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी उपलब्धता ने इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया। पुराने गानों की लोकप्रियता के साथ ‘धड़कन’ का संगीत भी लगातार चर्चा में बना रहा।

आज जब 11 अगस्त 2000 को रिलीज हुई इस फिल्म को पीछे मुड़कर देखा जाता है तो यह सिर्फ एक पुरानी रोमांटिक फिल्म नहीं लगती, बल्कि अपने संगीत और कलाकारों के कारण यादगार बन चुकी फिल्म नजर आती है।

अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी और सुनील शेट्टी की तिकड़ी, धर्मेश दर्शन का निर्देशन और कुमार सानू, अल्का याग्निक तथा उदित नारायण जैसे गायकों की आवाज ने ‘धड़कन’ को एक ऐसी पहचान दी, जो 26 साल बाद भी कायम है।

फिल्म के गीत आज भी जब कहीं सुनाई देते हैं तो 2000 के दशक का वह दौर याद आ जाता है। यही किसी फिल्म के संगीत की सबसे बड़ी सफलता है कि समय बदल जाए, पीढ़ियां बदल जाएं, लेकिन उसके गीत लोगों के दिलों में बने रहें।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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