दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

होर्मुज पर आमने-सामने अमेरिका-ईरान, ट्रंप बोले- ‘पूर्ण नियंत्रण’ हमारा; अराघची ने बताया खुफिया आकलन गलत

नई दिल्ली, दिल्ली

पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर “पूर्ण नियंत्रण” है और वह इसे बनाए रखेगा। ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज करते हुए वाशिंगटन को गलत खुफिया जानकारी के आधार पर कोई कदम नहीं उठाने की चेतावनी दी है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “फर्जी खुफिया जानकारी फर्जी खबर से भी बदतर” हो सकती है। उन्होंने अमेरिका को होर्मुज को लेकर गलत आकलन से बचने की चेतावनी दी।

अराघची ने अमेरिका को क्यों चेताया?

अराघची ने कहा कि ईरान पर हमले से पहले भी अमेरिकी खुफिया आकलन में गलतियां हुई थीं। उनके मुताबिक, अब वही गलती होर्मुज को लेकर भी दोहराई जा सकती है।

ईरानी विदेश मंत्री का कहना है कि गलत खुफिया जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी फैसला क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है। उनका यह बयान ट्रंप के उस दावे के जवाब में आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण की बात कही है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में इसकी अहम भूमिका है। बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आवाजाही इसी रास्ते से होती है।

इसलिए इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने या समुद्री यातायात प्रभावित होने की स्थिति में वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनातनी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों की नजर भी इस क्षेत्र पर बनी हुई है।

तेल की कीमतों पर नजर

कच्चे तेल की कीमत 87 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आई है, लेकिन होर्मुज और लाल सागर में तनाव के कारण आपूर्ति संबंधी जोखिम अभी खत्म नहीं हुआ है।

यदि समुद्री मार्गों पर लंबे समय तक तनाव रहता है, तो तेल की ढुलाई, बीमा और शिपिंग लागत बढ़ सकती है। इसका असर दुनिया के कई देशों की ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज को लेकर जारी बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया पहले से ही गंभीर सैन्य तनाव से गुजर रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!