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चीनी की कमी का बढ़ा खतरा! 30 सितंबर तक 35 लाख टन स्टॉक का अनुमान, NFCSF ने सरकार से मांगा वास्तविक आंकड़ा

नई दिल्ली, दिल्ली

देश में चीनी के स्टॉक को लेकर नई चिंता सामने आई है। चीनी की कीमतों में तेजी के बीच नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश नाइकनावारे ने सरकार से मौजूदा चीनी स्टॉक का वास्तविक आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा सीजन के अंत तक देश में चीनी का स्टॉक घटकर करीब 35 लाख टन रह सकता है।

मौजूदा चीनी सीजन 30 सितंबर को समाप्त होगा। NFCSF के एमडी के मुताबिक, यदि सीजन के अंत में स्टॉक 35 लाख टन के आसपास रह जाता है तो यह नए सीजन के पहले दो महीनों यानी अक्टूबर और नवंबर की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इससे आने वाले समय में चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ सकता है।

15 दिन के भौतिक सत्यापन की मांग

प्रकाश नाइकनावारे ने सरकार से चीनी के मौजूदा स्टॉक का करीब 15 दिन तक भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सत्यापन के बाद सरकार को उपलब्ध स्टॉक और संभावित स्थिति का आंकड़ा सार्वजनिक करना चाहिए।

स्टॉक की वास्तविक जानकारी सामने आने से बाजार में बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। वर्तमान में चीनी के उपलब्ध भंडार को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। ऐसे में आधिकारिक आंकड़ा सामने आने से उद्योग, बाजार और उपभोक्ताओं के बीच स्थिति को समझने में मदद मिलेगी।

कीमतों में तेजी बनी वजह

हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इसके पीछे स्टॉक कम होने की आशंका को भी एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। ओवरसेलिंग और भविष्य में उपलब्धता को लेकर बनी चिंता ने भी बाजार का दबाव बढ़ाया है।

सरकार घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले ही कई कदम उठा चुकी है। हालांकि, NFCSF की मांग के बाद अब चीनी के वास्तविक स्टॉक की स्थिति पर ध्यान बढ़ गया है।

अक्टूबर-नवंबर में आपूर्ति पर नजर

नए चीनी सीजन की शुरुआत अक्टूबर से होती है। ऐसे में सितंबर के अंत में उपलब्ध स्टॉक की मात्रा महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि स्टॉक अनुमान के मुताबिक 35 लाख टन रहता है, तो अक्टूबर और नवंबर में घरेलू मांग पूरी करने के लिए आपूर्ति प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।

NFCSF की मांग का मुख्य उद्देश्य चीनी के वास्तविक स्टॉक की स्पष्ट तस्वीर सामने लाना है, ताकि सरकार समय रहते आवश्यक कदम उठा सके।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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