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अमेरिका पर 40 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज, 10 साल में दोगुना हुआ राष्ट्रीय ऋण

वॉशिंगटन, अमेरिका

अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया है। पिछले एक दशक में अमेरिकी कर्ज लगभग दोगुना हो चुका है। बढ़ता सरकारी खर्च, राजकोषीय घाटा और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों पर लगातार बढ़ रही वित्तीय जरूरतें इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

वर्ष 2016 में अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 20 ट्रिलियन डॉलर से नीचे था। अब यह 40 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है। इस अवधि में डोनल्ड ट्रंप और जो बाइडन, दोनों प्रशासन के दौरान बड़े पैमाने पर सरकारी खर्च हुए।

बढ़ते कर्ज के साथ ब्याज भुगतान अमेरिकी सरकार के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती बनता जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सरकार प्रतिदिन करीब 3.80 अरब डॉलर ब्याज चुकाने में खर्च कर रही है। ब्याज भुगतान में लगातार बढ़ोतरी का असर भविष्य में सरकारी बजट और अन्य सार्वजनिक योजनाओं पर पड़ सकता है।

2008 से अब तक अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज करीब 30 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ चुका है। वर्तमान में प्रति अमेरिकी नागरिक औसतन लगभग 1,19,699 डॉलर का कर्ज बताया जा रहा है।

वित्तीय निगरानी संस्था पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के सीईओ माइकल पीटरसन ने कहा है कि कर्ज की राशि और उसकी बढ़ने की रफ्तार चिंता का विषय है। उनके अनुसार, यदि मौजूदा रुझान जारी रहे तो अगले करीब छह वर्षों में अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 50 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

पीटरसन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि करीब एक दशक पहले अमेरिका का कर्ज 20 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर था, जबकि अब यह दोगुना होकर 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। उनका कहना है कि यदि कर्ज की गति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका असर देश की आर्थिक स्थिरता और भविष्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती बुजुर्ग आबादी भी अमेरिका के वित्तीय दबाव को बढ़ा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में बेबी बूमर पीढ़ी के लोग सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर जैसे संघीय कार्यक्रमों पर खर्च लगातार बढ़ रहा है।

लाभार्थियों की बढ़ती संख्या के कारण सरकार के सामने इन योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन जुटाने की चुनौती है। इसके अलावा बढ़ते ब्याज भुगतान और लगातार राजकोषीय घाटा राष्ट्रीय कर्ज को और बढ़ा सकते हैं।

पिछले कुछ महीनों में ही अमेरिकी कर्ज में करीब 1 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि का उल्लेख किया गया है। यह संकेत है कि सरकार के सामने राजस्व और खर्च के बीच संतुलन बनाने की चुनौती लगातार बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा रफ्तार बनी रही तो अमेरिका को कर नीति, सरकारी खर्च और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के वित्तीय ढांचे में बड़े बदलावों पर विचार करना पड़ सकता है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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