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‘दाऊद ग्रुप’ से जुड़े होने का दावा कर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा, रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रायपुर, छत्तीसगढ़

रायपुर पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है, जो खुद को कथित तौर पर ‘डी ग्रुप कंपनी’ या ‘दाऊद ग्रुप’ से जुड़ा बताकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। आरोपित नेताओं और फिल्मी कलाकारों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर पीड़ितों पर प्रभाव डालते थे।

मामले का खुलासा तेलीबांधा थाने में दर्ज 1.13 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत की जांच के दौरान हुआ। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच के बाद पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में दबिश दी और गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, रायपुर के एक कारोबारी ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान आरोपितों के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से चार करोड़ रुपये से अधिक की रकम, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले कागज, कांच की प्लेटें और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, गिरोह वर्ष 2005 से देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय था और अब तक 100 से अधिक लोगों को अपना निशाना बना चुका है। जांच एजेंसियां ठगी की कुल रकम और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही हैं।

गिरोह का तरीका बेहद योजनाबद्ध बताया जा रहा है। आरोपित पहले अपने संभावित शिकार की आर्थिक स्थिति और संपर्कों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद खुद को प्रभावशाली और बड़े लोगों से जुड़ा बताकर विश्वास हासिल करते थे।

पीड़ितों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और आगरा जैसे बड़े शहरों में बुलाया जाता था। वहां महंगे होटलों में बैठक कर कथित विदेशी निवेश और बड़े कारोबारी प्रोजेक्ट का प्रस्ताव दिया जाता था। बाद में विभिन्न बहानों से रकम की मांग की जाती थी।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क, अन्य साथियों और कथित ठगी के मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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