दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब पर हूतियों का दबदबा, मोखा और पेरिम पर कब्जे से बढ़ा वैश्विक व्यापार का खतरा

सना, यमन

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की तेजी से बढ़ती सैन्य ताकत ने पश्चिम एशिया के समुद्री व्यापार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। हूतियों ने लाल सागर के तट पर स्थित रणनीतिक शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बीच स्थित पेरिम द्वीप पर भी उनका नियंत्रण स्थापित होने की रिपोर्ट सामने आई है। इससे दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल बाब-अल-मंदेब की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

पश्चिमी तट पर हूतियों की पकड़ मजबूत

यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच हूतियों ने हाल के दिनों में अपना ध्यान देश के पश्चिमी तट की ओर बढ़ाया है। मोखा पर कब्जा इसी रणनीतिक विस्तार का हिस्सा माना जा रहा है। यह बंदरगाह शहर बाब-अल-मंदेब से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। मोखा पर नियंत्रण मिलने से हूतियों को लाल सागर के तट पर एक महत्वपूर्ण सैन्य और भौगोलिक आधार मिल गया है।

यमनी सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हूतियों की सेनाएं हनिश द्वीप समूह की ओर भी आगे बढ़ीं। बाब-अल-मंदेब के ठीक सामने स्थित धुबाब क्षेत्र और पेरिम द्वीप इस पूरे इलाके में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

पेरिम द्वीप क्यों है खास?

पेरिम, जिसे मयून द्वीप भी कहा जाता है, बाब-अल-मंदेब के संकरे हिस्से में स्थित है। यह जलडमरूमध्य को दो समुद्री चैनलों में बांटता है। सरकारी बलों के पीछे हटने के बाद हूती लड़ाकों के द्वीप तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।

इस द्वीप पर नियंत्रण से हूतियों की रणनीतिक स्थिति मजबूत होती है। वे क्षेत्र में समुद्री आवाजाही पर निगरानी और दबाव बढ़ाने की स्थिति में आ सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही तत्काल पूरी तरह बंद हो गई है। हूती नेतृत्व ने भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सामान्य नौवहन के लिए रास्ता खुला है, जबकि उसने सऊदी जहाजों के खिलाफ अलग प्रतिबंध की बात कही है।

सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका

इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर सऊदी अरब पर पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बीच सऊदी अरब ने लाल सागर के रास्ते अपने तेल निर्यात पर अधिक निर्भरता बढ़ाई है। लेकिन बाब-अल-मंदेब में हूतियों की बढ़ती पकड़ इस वैकल्पिक मार्ग के लिए भी खतरा पैदा कर रही है।

हूतियों ने सऊदी जहाजों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा भी की है। हालिया हमलों में सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों में 73 लोगों के घायल होने की जानकारी सऊदी अधिकारियों ने दी है।

वैश्विक बाजार पर असर

बाब-अल-मंदेब एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और स्वेज नहर के जरिए जहाजों के लिए छोटा समुद्री रास्ता उपलब्ध कराता है।

यदि सुरक्षा स्थिति बिगड़ती है तो जहाजों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ सकता है। इससे ईंधन खपत, बीमा और माल ढुलाई लागत बढ़ सकती है। तेल बाजार भी इस घटनाक्रम पर संवेदनशील प्रतिक्रिया दे रहा है।

यमन में फिर बढ़ सकता है युद्ध

हालिया घटनाक्रम 2022 में हुए संघर्षविराम के लिए भी बड़ा खतरा है। हूतियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच लड़ाई तेज होने से यमन एक बार फिर व्यापक गृहयुद्ध की ओर बढ़ सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जिसमें होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे दो महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग एक ही समय में दबाव में हैं। यही वजह है कि यमन का मौजूदा संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण चिंता बन गया है।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!