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चुनाव आयोग के रवैये पर सचिन पायलट ने विपक्षी सांसदों से बर्ताव को लेकर सवाल उठाए

चुनाव आयोग के रवैये पर सचिन पायलट ने विपक्षी सांसदों से बर्ताव को लेकर सवाल उठाए

जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बुधवार को चुनाव आयोग के हालिया रवैये और दिल्ली में विपक्षी सांसदों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। पायलट ने दावा किया कि इस तरह के घटनाक्रम देश के लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग को दबाने की कोशिशों की निंदा की।

विरोध-प्रदर्शन और सांसदों के साथ व्यवहार

पायलट ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों से चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलने से रोके गए और उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने यह प्रश्न भी उठाया कि क्या चुने हुए प्रतिनिधियों को संवैधानिक संस्था के सामने अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है।

पायलट ने इन घटनाओं को लोकतंत्र के लिए तानाशाही के तौर पर वर्णित किया और कहा कि लोकतंत्र को जवाबदेही और बातचीत के लिए खुला रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कमजोर करने वाले हैं।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि वर्तमान वोटर लिस्ट में लाखों नाम कटने का खतरा है, जिससे वोटिंग के अधिकार पर गंभीर असर पड़ेगा। पायलट ने ‘वोटबंदी’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए इसे नोटबंदी से तुलना की और कहा कि इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना आवश्यक है।

राजस्थान नगर निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन नतीजों से बेहतर रहा क्योंकि पार्टी को अधिक वोट मिले। उन्होंने दावा किया कि भाजपा जीत के बावजूद हार गई जबकि कांग्रेस हार के बावजूद विजयी रही क्योंकि वोट शेयर ज्यादा था। उन्होंने कई जिलों में चुनाव संचालन में दखल और गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं।

पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव नतीजों का विश्लेषण कर आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस ग्रामीण इलाकों में बेहतर प्रदर्शन करेगी और पंचायत चुनावों में बहुमत हासिल कर सकेगी।

उन्होंने बताया कि पार्टी बेरोज़गारी, किसानों की समस्याओं, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्थान में डीएपी खाद की कमी जैसे मुद्दों पर ध्यान देगी। पायलट ने कहा कि डीएपी खाद की कमी के बावजूद सरकार उदासीन बनी हुई है, जबकि इसे पुलिस सुरक्षा में बांटा जा रहा है।

आगे पायलट ने कहा कि कांग्रेस पूरे राजस्थान के गांवों और मंडलों में दो महीने का जन-संपर्क अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी न केवल चुनावी मुद्दों पर ध्यान देगी, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और वोटिंग अधिकारों की रक्षा पर भी जोर देगी।

अंत में पायलट ने पंचायत चुनावों में बड़ी जीत की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस को 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी और राजस्थान में बेहतर परिणाम लाने का प्रयास करेगी।

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