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राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेस नेताओं पर पुलिस पर हमला व बाधा डालने के चार FIR

राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेस नेताओं पर पुलिस पर हमला व बाधा डालने के चार FIR

नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा तथा अन्य के खिलाफ पुलिस पर हमले और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए चार FIR दर्ज की गई हैं। ये प्राथमिकी बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए कांग्रेस प्रदर्शन से संबंधित हैं।

प्रदर्शन और FIR की जानकारी

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस कर्मियों पर हमला और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में ये FIR दर्ज की गई हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित विपक्षी दलों के अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया था। इन लोगों के खिलाफ मारपीट और सरकारी अधिकारियों के कर्तव्य में बाधा पहुंचाने के तहत केस दर्ज किया गया है।

प्रदर्शन में शामिल कई प्रमुख नेता समेत कुल 91 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें सांसद और वरिष्ठ राजनेता भी शामिल थे। विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं के विरोध के दौरान ये गिरफ्तारी हुई, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे थे।

विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

यह विरोध मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। जनपथ पर स्थित दक्षिण भारतीय शाकाहारी रेस्टोरेंट में दोपहर का भोजन करने के बाद विपक्षी नेता बसों से जंतर-मंतर धरने के लिए निकले थे, जहां पुलिस ने रास्ता रोक दिया। इससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

प्रियंका गांधी और अन्य महिला नेताओं ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर सड़क पर लेटकर विरोध ज़ाहिर किया। पुलिस ने उन्हें जबरन उठा कर बसों में बिठाया। प्रदर्शन में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, माकपा, भाकपा, राष्ट्रीय जनता दल और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद भी शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के अलावा बीएनएसएस की धारा 163 के उल्लंघन के तहत भी दर्ज की गई है। इस प्रदर्शन के कारण सरकारी कामकाज बाधित हुआ और पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ।

विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। इसके बाद पुलिस ने कई सांसदों सहित प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर नियंत्रण स्थापित किया।

इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक दलों में प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है और आगामी चुनाव के मद्देनज़र इसका प्रभाव देखा जा रहा है। नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए था।

इस प्रकार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर और पुलिस पर हमले के आरोप में दर्ज FIR भारतीय लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण दल के प्रदर्शन का केंद्र बनी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति शांत होने लगी है, पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं।

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