दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

रूस की प्लेग फैलने की संभावना पर चुप्पी ने बढ़ाई छुपाने की आशंकाएं

रूस की प्लेग फैलने की संभावना पर चुप्पी ने बढ़ाई छुपाने की आशंकाएं

साइबेरिया में प्लेग के संभावित प्रकोप की अफवाहें फैलने लगी हैं, लेकिन Kremlin ने इस गंभीर स्थिति पर संक्षिप्त और सीमित जानकारी ही प्रदान की है। इस चुप्पी ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता और अटकलों को जन्म दिया है कि कहीं किसी परेशानी को छुपाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।

प्लेग की बीमारी को लेकर यह पहली बार नहीं है जब रूस सरकार ने खुलकर जानकारी साझा करने में संकोच किया है। इतिहास में कई बार ऐसे मौकों पर Kremlin ने न्यूनतम विवरण देकर लोगों के मन में भय और अविश्वास दोनों को बढ़ावा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सटीक और समय पर सूचनाएँ अत्यंत आवश्यक हैं।

साइबेरिया के कुछ इलाकों से मिली खबरों में है कि हवा में फैलने वाली इस बीमारी के लक्षण कुछ लोगों में देखने को मिले हैं, जबकि स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस संबंध में कुछ भी औपचारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, सोशल मीडिया और आर्थिक गतिविधियों में आई गिरावट ने इस संदेह को और मजबूत किया है कि किसी गंभीर समस्या को स्वीकार करने से बचा जा रहा है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन और कई स्वतंत्र निगरानी एजेंसियां इस मामले को लेकर सतर्क हैं और रूस सरकार से पूरी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य मानकों के अनुसार, किसी भी संभावित महामारी की सूचना को धीमा करना या गुप्त रखना वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि Kremlin की यह नीतिगत चुप्पी स्थानीय लोगों की सुरक्षा और विश्वसामुदायिक विश्वास दोनों को कमजोर कर सकती है। कठिन समय में भरोसेमंद और सार्वजनिक जानकारी से ही महामारी से लड़ने की क्षमता मजबूत होती है। फिलहाल, साइबेरिया में स्थिति पर गहरी नजर बनाए रखी जा रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस आशंका पर पूरी, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी साझा की जाएगी।

Source

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!