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25 साल के राजीव की ‘डिटेनी घर वापसी योजना’, AI से 1800 की मदद

25 साल के राजीव की ‘डिटेनी घर वापसी योजना’, AI से 1800 की मदद

दिल्ली में पिछले कुछ समय से विरोध प्रदर्शन में पुलिस की हिरासत में लिए गए लोगों की मदद के लिए 25 साल के राजीव चौधरी ने एक खास पहल की है। उन्होंने AI का उपयोग कर एक ऐसा सिस्टम बनाया है, जो हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता, उपचार और घर लौटने में सहायता करता है। राजीव ने अपनी इस योजना के जरिए अब तक 1,800 से अधिक लोगों की मदद की है।

डिटेनी घर वापसी योजना का मकसद

राजीव द्वारा शुरू की गई यह योजना उन लोगों के लिए है जिन्हें पुलिस हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया जाता है, लेकिन उनके पास घर लौटने के लिए पैसे या सुविधा नहीं होती। इस योजना के अंतर्गत जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सलाह और इमरजेंसी चिकित्सा सहायता भी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही, हिरासत से छूटने के बाद उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाती है।

रजिव और उनकी टीम जरूरत पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्यकर्मी भी भेजती हैं ताकि घायल प्रदर्शनकारियों का फर्स्टएड किया जा सके। साथ ही, घर पहुंचाने के लिए वाहन और टिकट की व्यवस्था की जाती है, जिससे आसानी से घर लौट सके।

AI की मदद से काम करता है सिस्टम

राजीव ने एंथ्रोपिक के AI मॉडल Claude का इस्तेमाल कर एक पर्सनल डैशबोर्ड तैयार किया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना वॉलंटियर्स और प्रदर्शनकारियों से मिलती है। कई बार पुलिस वाहन का लोकेशन भी पता किया जाता है। रिहाई के बाद इलाके में मौजूद राजीव के वॉलंटियर्स वाहन द्वारा प्रभावितों को घर, मेट्रो स्टेशन या बस स्टैंड तक सुरक्षित पहुंचाते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में जरूरत हो तो स्वास्थ्यकर्मी भी मौके पर पहुंचते हैं ताकि घायल या बीमार लोगों का इलाज तुरंत हो सके।

इसके अलावा, इस योजना में सात प्रकार की सेवाएं शामिल हैं जिनमें मुफ्त कानूनी मदद, ट्रांसपोर्ट सुविधा, सही जानकारी देना तथा वॉलंटियर नेटवर्क को जोड़ना शामिल है। साथ ही, पुलिस या सिस्टम से परेशान लोगों की मदद और स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाएं भी इसमें शामिल हैं।

मदद की जानकारी सोशल मीडिया जैसे इंस्टाग्राम (@yoursafespaceguy), कॉल और मैसेज के जरिए प्राप्त होती है। राजीव की टीम 24 घंटे सक्रिय रहती है और प्रदर्शन स्थलों पर वॉलंटियर्स भी लोगों को संपर्क का तरीका बताते हैं।

इस पहल की शुरुआत 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई, जब कई लोगों के पास अपना घर लौटने तक के पैसे नहीं थे। उस दिन करीब 300 लोगों का घर वापस भेजने का इंतजाम किया गया था। बाद में आवश्यकताओं के बढ़ने पर AI से डैशबोर्ड बनाया गया। आज तक 800 लोग घर लौटाए गए और एक हजार से ज्यादा को कानूनी सहायता मिली है। टीम में 200 से अधिक वॉलंटियर्स अपने वाहनों के साथ शामिल हैं।

राजीव का कहना है कि वे लोगों की मदद करना अपने संवैधानिक अधिकार के रूप में देखते हैं। उन्होंने खुद Claude के खर्चे वहन किए हैं जबकि अन्य वॉलंटियर्स निःशुल्क मदद कर रहे हैं। राजीव का मानना है कि पुलिस भी चाहती है कि हिरासत में छूटे लोगों को लेने कोई मौजूद रहे।

राजीव मुंबई के रहने वाले हैं और दिल्ली में रहते हैं। कॉमर्स में ग्रैजुएट वह AI में काफी रुचि रखते हैं और अपने बिजनेस के साथ-साथ लोगों की सेवा करते हैं। सामान्य परिवेश से आने के बाद वह आगे भी प्रदर्शनकारियों और जरूरतमंदों की मदद करते रहने का संकल्प लेते हैं।

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