दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

त्योहारों के दौरान आंदोलन से लें विराम, परिवार के साथ रहें: अभिजीत दीपके का समर्थकों को संदेश

नई दिल्ली, दिल्ली। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दशहरा के अवसर पर अपने समर्थकों से कुछ दिनों तक विरोध प्रदर्शनों से विराम लेने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों को अपने प्रियजनों के साथ समय बिताना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जेल में बंद सीजेपी प्रवक्ताओं आशुतोष और सौरव दास के लिए प्रार्थना करने का भी आग्रह किया।

दीपके का यह संदेश दिल्ली में सीजेपी के हालिया विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। पिछले दिनों कनॉट प्लेस से लेकर जंतर-मंतर तक पुलिस और सीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान देखने को मिली थी। इन घटनाओं के बाद दीपके ने अपने समर्थकों को शांति, संयम और आपसी सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।

करीब 16 मिनट के वीडियो में दीपके ने कहा कि उनके समर्थक कुछ दिन अपने परिवार और करीबी लोगों के साथ बिताएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नफरत के खिलाफ संघर्ष करते समय यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि नफरत की भावना आंदोलन से जुड़े लोगों के भीतर प्रवेश न करे।

उन्होंने प्रेम, करुणा और दयालुता को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बताया। दीपके के अनुसार, किसी भी आंदोलन की मजबूती केवल विरोध करने से नहीं आती, बल्कि उसके सदस्यों के व्यवहार, आपसी सम्मान और मानवीय संवेदनाओं से भी तय होती है।

आशुतोष और सौरव दास को बताया अहम नेता

वीडियो संदेश में दीपके ने आशुतोष और सौरव दास की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों को भले ही वह आंदोलन का नेता दिखाई देते हों, लेकिन आंदोलन की दिशा तय करने और फैसले लेने में दोनों प्रवक्ताओं का अहम योगदान रहा है। उन्होंने उनकी क्षमताओं और निर्णय लेने की योग्यता की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपना भाई बताया।

दीपके ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों की तुलना फ्रांस, नेपाल और बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों से करने वालों की आलोचना भी की। उन्होंने दावा किया कि उनके समर्थकों ने हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय शांतिपूर्ण विरोध को प्राथमिकता दी। उन्होंने महात्मा गांधी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए अहिंसा पर जोर दिया।

मतदाता सूची को लेकर जारी है विरोध

सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किए हैं।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग लगाई गई थी। इस दौरान हजारों लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। दीपके की ताजा अपील को आंदोलन के बीच समर्थकों के लिए शांति और संयम का संदेश माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!