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पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से बदलेगी एअर इंडिया की रणनीति, मुंबई से बढ़ेंगी यूरोप-अमेरिका की उड़ानें

नई दिल्ली, दिल्ली। पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय एयरलाइनों के लिए बंद होने का असर अब एअर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय उड़ान नेटवर्क पर दिखाई देने लगा है। एयरलाइन यूरोप और अमेरिका जाने वाली अधिक उड़ानों को मुंबई से संचालित करने की योजना बना रही है। कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक तेवोल्डे गेब्रेमरियम ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी दी।

 

एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया, 2026 कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने से दिल्ली से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मुंबई की तुलना में अधिक प्रभावित हुई हैं। इसी कारण एअर इंडिया अपने उड़ान नेटवर्क और परिचालन व्यवस्था की समीक्षा कर रही है।

हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली से यूरोप और अमेरिका के लिए उड़ानें जारी रहेंगी। मुंबई को अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए अधिक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की योजना है, न कि दिल्ली से सेवाएं पूरी तरह हटाने की।

बेंगलुरु को तीसरा परिचालन केंद्र बनाने पर विचार

एअर इंडिया क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बेंगलुरु को तीसरा परिचालन केंद्र बनाने की संभावना पर भी सक्रियता से विचार कर रही है। इससे दक्षिण भारत के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंचने के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।

गेब्रेमरियम के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक परिस्थितियां विमानन उद्योग के सामने समान चुनौतियां हैं। लेकिन पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइनों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके विदेशी प्रतिस्पर्धियों पर इसका समान प्रभाव नहीं पड़ा है।

वाइड-बॉडी विमानों की संख्या बढ़ाएगी कंपनी

एअर इंडिया विदेशों में अपनी बाजार हिस्सेदारी दोबारा बढ़ाने और परिचालन लागत कम करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कंपनी अतिरिक्त वाइड-बॉडी विमान खरीदने की तैयारी में है।

वर्तमान में एअर इंडिया के बेड़े में कुल 171 विमान हैं। इनमें 61 वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं। कंपनी ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कुल 600 विमानों का ऑर्डर दिया है। इनमें लगभग 540 विमानों की आपूर्ति आने वाले वर्षों में होने की उम्मीद है।

लंबित ऑर्डर में करीब 70 वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं। नए विमानों की आपूर्ति से कंपनी को अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपनी क्षमता बढ़ाने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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