दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर भारतीय युवक से धोखा, कथित तौर पर रूसी सेना में कराया भर्ती; मां ने मांगी मदद

विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश। विदेश में रोजगार की तलाश एक भारतीय युवक के लिए गंभीर संकट बन गई है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम का रहने वाला जे वामसी फल पैकिंग की नौकरी करने के लिए रूस गया था, लेकिन परिवार का आरोप है कि उसे धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। अब युवक को रूस-यूक्रेन सीमा के पास युद्ध क्षेत्र में भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है। बेटे की स्थिति को लेकर परेशान मां ने केंद्र और राज्य सरकार से उसकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।

युवक की मां जे अप्पलकोंडा के अनुसार, उनका बेटा रोजगार की तलाश में रूस पहुंचा था। वहां फल पैकिंग का काम नहीं मिलने के बाद उसकी मुलाकात एक नेपाली नागरिक से हुई। उस व्यक्ति ने उसे यूक्रेन में बेहतर वेतन वाली नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।

परिवार का आरोप है कि इसी भरोसे में आकर वामसी ने आगे का कदम उठाया, लेकिन बाद में उसे रूसी सेना में शामिल कर लिया गया। अब उसके युद्ध क्षेत्र में भेजे जाने की आशंका से परिवार बेहद चिंतित है।

वीडियो संदेश में युवक ने बताई आपबीती

वामसी ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी है। इस वीडियो में उसके साथ चार अन्य भारतीय नागरिक भी दिखाई दे रहे हैं। सभी ने दावा किया कि उन्हें धोखे से रूसी सेना में भर्ती किया गया है और अब उन्हें अग्रिम मोर्चे पर भेजा जा रहा है।

युवक का आरोप है कि उससे रूसी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए थे। वह रूसी भाषा नहीं समझता था, इसलिए दस्तावेजों में लिखी शर्तों और उनकी वास्तविक प्रकृति की जानकारी नहीं थी।

मां ने केंद्र और राज्य सरकार से लगाई गुहार

इस घटना के बाद जे अप्पलकोंडा ने सरकार से बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की है। परिवार का कहना है कि युवक रोजगार के उद्देश्य से विदेश गया था, न कि किसी सैन्य गतिविधि में शामिल होने के लिए।

रूस-यूक्रेन सीमा के पास युद्ध क्षेत्र में भेजे जाने की आशंका ने परिवार की परेशानी बढ़ा दी है। मां चाहती हैं कि संबंधित अधिकारी मामले में हस्तक्षेप करें और उनके बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसकी स्वदेश वापसी के लिए जरूरी कदम उठाएं।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!