दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

Mental Health Tips: लगातार मोबाइल चलाना दिमाग पर डाल सकता है दबाव, बोरियत भी है मानसिक सेहत के लिए जरूरी

नोएडा, उत्तर प्रदेश। स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग किसी न किसी डिजिटल गतिविधि में व्यस्त रहते हैं। खाली समय मिलते ही मोबाइल पर संदेश देखना, सोशल मीडिया चलाना या वीडियो देखना आम आदत बन गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि हर समय दिमाग को व्यस्त रखना जरूरी नहीं है। कभी-कभी बोरियत महसूस करना और बिना किसी काम के शांत बैठना भी दिमाग के लिए फायदेमंद हो सकता है।

नोएडा के फोर्टिस अस्पताल की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नेहा पंडिता के अनुसार, मस्तिष्क को बेहतर तरीके से काम करने के लिए समय-समय पर आराम की आवश्यकता होती है। लगातार संदेशों, ईमेल और सोशल मीडिया के बीच ध्यान बदलने से दिमाग पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इस वजह से मस्तिष्क को अपने अनुभवों को समझने और विचारों को व्यवस्थित करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।

खाली समय में भी काम करता रहता है दिमाग

विशेषज्ञों के अनुसार, जब व्यक्ति किसी काम में व्यस्त नहीं होता, तब भी उसका मस्तिष्क पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होता। इस दौरान डिफॉल्ट मोड नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। यह मस्तिष्क का एक विशेष नेटवर्क है, जिसका संबंध स्मृति, आत्मचिंतन और भविष्य के बारे में सोचने से है।

ऐसी स्थिति में दिमाग पुराने अनुभवों को समझने, विचारों को व्यवस्थित करने और नए विचार विकसित करने की प्रक्रिया में लगा रहता है।

डॉ. नेहा पंडिता ने बोरियत और मानसिक थकावट को अलग-अलग स्थितियां बताया है। बोरियत तब होती है जब व्यक्ति को कोई गतिविधि संतुष्ट नहीं करती, जबकि मानसिक थकावट लंबे समय तक लगातार काम करने या ध्यान केंद्रित करने के कारण महसूस होती है।

दिमाग को आराम देने के लिए अपनाएं ये आदतें

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक आराम के लिए स्मार्टफोन पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करना उपयोगी हो सकता है।

  • खाली समय में तुरंत मोबाइल देखने से बचें।
  • काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें।
  • कभी-कभी बिना हेडफोन के टहलें।
  • भोजन करते समय मोबाइल का इस्तेमाल कम करें।
  • बातचीत के दौरान पूरी तरह ध्यान दें।
  • सोने से पहले लगातार सोशल मीडिया देखने से बचें।

विशेषज्ञों की सलाह है कि जब भी बोरियत महसूस हो, तो तुरंत मोबाइल उठाने के बजाय कुछ समय खुद को शांत रहने दें। इससे दिमाग को आराम देने और मानसिक ताजगी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!