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सांसद-विधायकों को वेतन भत्ते-पेंशन क्यों…? केंद्र सरकार ने बढ़ाया सांसदों का वेतन

●केंद्र सरकार ने बढ़ाया सांसदों का वेतन

अब एक लाख की जगह मिलेंगे 1,24 हजार
डेस्क…

हाल ही में केंद्र सरकार ने सांसदों को मिलने वाले तनख्वाह में इजाफा किया है अब उन्हें 1,24हजार मासिक तनख्वाह मिलना तय हुआ है।ऐसी खबरों को देखकर लगता है कि सरकार की तमाम सरकारी एजेंसियों की तैयारी कर नौकरी करने से बेहतर है कि एक बार चुनाव लड़कर विधायक और सांसद बन जाएं जीवन भर वेतन भत्ते का जुगाड़ हो जाए।यानि कि विधायक-सांसद बनना एक ऐसा जीवन बीमा योजना है जिस पर मरने तक और मरने के बाद भी गारंटी है।विधायक-सांसद रहते तमाम सुविधाओं और विलासिता तो मिलता ही है बाँकी निर्माण कार्यों में एडवांस 5%10% कमीशन माननीय-सम्मानीय जी का तय रहता है।
सवाल यह है कि अगर संसद-विधायक देश व समाज सेवा करने के उद्देश्य से लोकतंत्र की सीढ़ी पर चढ़ते हैं तो फिर उन्हें वेतन भत्ते और अन्य सुविधाओं की क्या जरूरत है।खैर हमारा दावा है कि जिस दिन वेतन-भत्ते और अन्य सुविधाओं का यह मासिक और आजीवन कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा उस दिन से इस लोकतांत्रिक प्रणाली में एक आध प्रतिशत ही समाज सेवी या समाजसेवा का मुखौटा पहनने वाले लोग बचेंगे।
 बाबा साहेब के संविधान की दूसरी अनुसूची में भारत राज-व्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों को वेतन भत्ते देने का प्रावधान किया गया था सो आज भी वह प्रकिया चली आ रही है।

सांसदों को मिलेगा इतना वेतन…

सरकार ने सांसदों की सैलरी में 24% का इजाफा कर दिया है। सोमवार को संसदीय कार्य मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक मौजूदा सांसदों को अब 1.24 लाख रुपए प्रति माह मिलेगा। पहले उन्हें 1 लाख रुपये प्रति माह मिलते थे। केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन, दैनिक भत्ता, पेंशन और अतिरिक्त पेंशन में वृद्धि को नोटिफाई किया है, जो 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगी.
केंद्र सरकार ने सोमवार 24 मार्च, 2025 को सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी का घोषणा किया है ।
1 अप्रैल 2023 से सांसदों को एक लाख की जगह 1.24 लाख रुपये वेतन के तौर पर मिलेंगे। सरकार की ओर से सांसदों की पेंशन और भत्ता में भी इजाफा किया गया है। सांसदों के दैनिक भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. दैनिक भत्ता अब 2000 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये हो गया है।
परिवर्तन संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 की प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया है और यह आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक पर आधारित है।
5 साल बाद सांसदों का वेतन बढ़ाने का फैसला लिया गया है हालांकि, यह वेतन बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2023 से ही लागू होगी इस फैसले से पहले सांसदों की पेंशन 25000 रुपये थी, उसे अब 31 हजार कर दिया गया है। इसी तरह से जो दो बार या तीन बार के सांसद रहे हैं, उनकी अतिरिक्त पेंशन 2000 से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई
इसके अलावा सांसदों को फोन और इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए सालाना भत्ता भी मिलता है साथ ही अपने और अपने परिवार के लिए हर साल 34 मुफ्त घरेलू उड़ानें और किसी भी समय फर्स्ट क्लास की ट्रेन यात्रा की भी सुविधा मिलती है. सांसदों को सालाना 50,000 मुफ्त बिजली यूनिट और 4,000 किलोलीटर पानी का फायदा भी मिलता है। सरकार उनके आवास और रहने की व्यवस्था का भी ध्यान रखती है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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