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कलेक्टर ने बनाया था इन ठीहों को निशाना पर यहाँ नही रुका उत्खनन

जिले के इन ठीहों मे माफियाओं की तांडव
खनिज,राजस्व व पुलिस की भूमिका संदिग्ध

 

शहडोल।।

बीते कुछ माहों से अवैध रेत उत्खनन पूरे जिले में देखने को मिल रहा है पर कार्यवाई के नाम पर सिर्फ टास्क फोर्स का गठन मात्र दिखा। मानसून सत्र लगभग खत्म होने वाला है किंतु जिले में गठित टास्क फोर्स की अब तक किसी प्रकार की कार्यवाई अवैध रेत उत्खनन में देखने को नही मिली ताज्जुब की बात तो यह भी है कि टास्क फोर्स गठन में जिन अवैध ठीहों को चिन्हित किया गया है उन्ही नदी, घाटों से पूरे सत्र अवैध रेत उत्खनन हुआ किन्तु टॉस्क फोर्स कहाँ-कहाँ क्या कार्यवाई की यह खबर शायद किसी अखबार या चैनलों में पढ़ने व देखने को नही मिला।
बीते दिनों शहडोल जिले के अंतिम छोर बाणसागर के बुढ़वा क्षेत्र में दिन के खरी दोपहरी में अवैध रेत उत्खनन का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ किन्तु सम्बंधित विभाग के कानों में जू तक नही रेंगा। इसी ब्यौहारी क्षेत्र में नायब तहसीलदार से बदसलूकी झूमाझटकी हुई किन्तु कार्यवाई न के बराबर।इस प्रकार की प्रशासकीय छूट माफियाओं को मिलने के कारण ही व्योहारी में आरआई और एएसआई की जानें गई तो कुछ वर्ष पहले खैरहा पुलिस से माफियाओं ने झूमाझटकी की,सूत्रों की मानें तो हाल के दिनों में फारेस्ट के एक जिम्मेदार सिपाही से भी जरवाही के बटली घाट में एक चर्चित माफिया ने बदसलूकी की पर सवाल है कि आखिर इन माफियाओ को किसका वरदहस्त है। पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी क्या इस बात से अनभिज्ञ हैं या फिर सब कुछ जानते हुए ओके है।

लालपुर और कंसेड माफियाओ की जद में

बीते कुछ वर्षों से लालपुर में नौखड़िया, हड़हा,सोनवर्षा में भईया सिंह नामक कथित माफिया का एक तरफा परचम लहरा रहा है कथित माफिया दिन भर अवैध रेत उत्खनन करवाने में माहिर हैं रात के अंधेरे में छिपकर काम करने वाले माफियाओ की बात अलग है भईया नामक माफिया दिन दहाड़े सोन नदी में बाढ़ आती पानी मे लेबर व जेसीबी लगाकर रेत उत्खनन करवाने का जिम्मा अपने सिर लिया है।
इधर कभी बटली कभी कंसेड घाट में चंद यादव बंधु व बुढ़ार के चर्चित पुराने अपराधी जिनका नाम अवैध कार्यो से लेकर नारकोटिक्स तक मे शामिल है के द्वारा रात के अंधेरे का फायदा उठाकर 15-20 गाडियाँ रोजाना लगाई जाती है और उसके बाद इनका यह अवैध रेत पूरे दिन जरवाही व बुढ़ार नगर के आसपास कस्बों में बेचा जाता है।
जिस प्रकार से बटली-कंसेड घाट में माफियाओ का जमघट रहता है उससे किसी दिन किसी हादसे से इंकार नही किया जा सकता।
इधर चर्चा है कि प्रकाश,किस्सू,सोनू समेत इन दिनों बिरुहली के सतेंद्र नामक पुराने माफिया की एंट्री इस क्षेत्र में हो चुकी है जो कंसेड के अवैध रेत उत्खनन का हब बिरुहली को बना रखा है।

अलग-अलग साहबो के नाम की अलग-अलग गाडियाँ..

सूत्र बताते हैं कि अवैध रेत उत्खनन में खनिज से लेकर स्थानीय थाने के अलग अलग साहबो के हिसाब से गाड़ी मालिक ,गाड़ियों के क्रमांक व ट्रैक्टर व डग्गी के रेट तय किए गए हैं जिसका लेखाजोखा दिन के हिसाब से होता है हलाकि इस काम का शोर जिले के आला अधिकारियों को इसलिए भी नही है कि इन्हें बिना आहट व शोर शराबे के विराम दे-देकर हरी झंडी दी जाती है जिससे साँप भी मर जाता है और लाठी भी नही टूटता यानी उत्खनन भी हो जाता है और जिम्मेदारों का अपना नजराना भी वसूल हो जाता है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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