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चंबल की लहरों में बुझा सपनों का दीप, आखिरी संदेश ने खोली ब्लैकमेलिंग की परतें

Chambal River, Student Suicide

चंबल नदी में कूदकर आत्महत्या करने वाली छात्रा के मामले में अब बेहद चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। छात्रा द्वारा मौत से पहले भेजा गया आखिरी मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने लिखा था— “मैं दिमाग वालों से हार गई।” इस एक पंक्ति ने पूरे मामले की गंभीरता और छात्रा के मानसिक संघर्ष को उजागर कर दिया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा का एक करीबी दोस्त उसकी कुछ निजी तस्वीरें चोरी-छिपे अन्य छात्राओं को भेज रहा था। बाद में वही छात्राएं इन तस्वीरों के जरिए पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगीं। बार-बार मानसिक प्रताड़ना, बदनामी का डर और सामाजिक दबाव से छात्रा बेहद टूट चुकी थी। लगातार मिल रही धमकियों और अपमानजनक संदेशों से वह गहरे अवसाद में चली गई थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छात्रा ने मरने से पहले अपने एक मित्र को आखिरी मैसेज भेजा था, जिसमें उसने अपनी हार और मानसिक थकान का जिक्र किया था। इसके कुछ ही घंटों बाद उसने चंबल नदी में छलांग लगा दी। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसका शव बरामद किया गया।

परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी को सुनियोजित तरीके से मानसिक रूप से तोड़ा गया और उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो आज उनकी बेटी जिंदा होती।

पुलिस ने इस मामले में छात्रा के दोस्त सहित कुछ अन्य छात्राओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और फोटो डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई है।

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया और डिजिटल ब्लैकमेलिंग किस तरह युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जानलेवा बनती जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में डरने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

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