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तो क्या साहब के संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध कारोबार..?

किस्सू,पवन,अभिषेक,मुन्ना,छोटू हैं कारोबारी

रात भर जरवाही-बटली घाट में उत्खनन

5500 और 3500 रु के नजराने में चल रहा खेल

 

शहडोल जिले में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन हब बन चुका है और विभाग के जिम्मेदार अब तक कार्यवाई के नतीजे तक नही पहुँचे। इसी शहडोल जिले में दो-दो शासकीय कर्मचारी रेत की बलि चढ़ गए हैं पर सिलिसिला रुका नही।
जरवाही के बटली घाट में एक मोटी रकम के दम पर इस पूरे अवैध उतखनन को मंजूरी दी गई है।

बदल गए एसडीओपी और टीआई पर नही बदला अवैध उत्खनन और पप्पू का हिसाब…

पिछले दो से तीन वर्षों से जरवाही-बटली घाट में रेत का अवैध उत्खनन एक सुविधा शुल्क नाम से चलता रहा है किंतु इस अवैध उत्खनन न पुलिस न अन्य विभाग के अफसरों की नजर नही पड़ी रेत के इस अवैध कारोबार में मानो पुलिस व्यवस्था का एक गुंडाराज चल रहा है जहाँ अन्य विभाग इस अवैध उत्खनन को पर्दे में रखकर करते हैं तो स्थानीय थाना और पुलिस के बड़े अफसर इसे सीधे एक मानक रेट और पैमाने में खुली स्वीकृति देकर रखे हैं।बड़े आश्चर्य की बात है कि नवागत एसडीओपी और प्रभारी के आने के बाद भी इस अवैध उत्खनन ने अपनी रफ्तार नही छोड़ा और सब कुछ यूं ही चलता रहा।
सूत्र बताते हैं कि अनुभाग से लेकर प्रभारी तक कि हिसाब डायरी पप्पू नामक प्राइवेट ड्रायवर के पास है पप्पू ही सब कुछ सेट करता है और किसे पास करना है या फेल पूरी मार्कशीट का अंक पप्पू ही देता है।

पवन,किस्सू,अभिषेक,पप्पू,प्रकाश,मुन्ना,कर रहे सोन का चीरहरण

आपको बता दें छाँटा, चंगेरा, पाड़खेर,मरजाद ,जरवाही बटली घाट इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का हॉटस्पॉट बन चुका है।
जबकि जरवाही के बटली में पवन,किस्सू,अभिषेक, प्रकाश,मुन्ना,पप्पू, इस पूरे घाट के कर्ताधर्ता हैं। रात होते ही इनके द्वारा इस अवैध काम को हवा दिया जाता है। हालात इतने भयावह हैं नदी में बने पुल और पानी के स्थिर पानी मे घुसकर इस काम न सिर्फ अंजाम दिया जा रहा है बल्कि नदी के स्वरूप को भी बदलने की हिमाकत की जा रही है। लेकिन जिम्मेदार विभागों की नींद अब तक नहीं खुली। रात होते ही घाट पर भारी वाहनों की लाइन लग जाती है और सुबह होते-होते रेत के टीलों की जगह गहरी खाइयाँ दिखने लगती हैं। रेत के इस अवैध कारोबार के कारोबारी किस्सू के ऊपर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हैं जिसे स्थानीय पुलिस द्वारा सरंक्षण प्राप्त है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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